शहर के पांच ट्यूबवेल फेल, 15 हजार आबादी की जलापूर्ति प्रभावित
सुल्तानपुर। शहर के पांच ट्यूबवेलों की बोरिंग फेल हो गई है। जिससे वहां से पानी सप्लाई बंद हो गई है। अब जलापूर्ति के लिए शहर में स्थापित 22 में सिर्फ 17 नलकूप संचालित हो रहे हैं।
बंद पड़े नलकूपों की रिबोरिंग नहीं होने से शहर के विभिन्न मोहल्लों की करीब 15 हजार की आबादी को गर्मी के मौसम में निर्बाध जलापूर्ति की समस्या खड़ी हो गई है।
शहर के 25 वार्डों में निर्बाध जलापूर्ति के लिए 22 नलकूपों की स्थापना की गई है। नलकूपों की स्थापना हुए कई वर्ष बीत चुका है। काफी पुरानी बोरिंग होने की वजह से पांच ट्यूबवेलों की बोरिंग फेल हो चुकी है।
इसकी वजह से नलकूपों ने पानी देना बंद कर दिया है। वाटर लेबल घटना भी इसके पीछे वजह बताई जा रही है। शहर में वाटर सप्लाई के लिए संचालित होने वाले 22 नलकूपों में से पांच नलकूपों को नगर पालिका ने फेल करार किया है।
नगर पालिका ने सर्वे के बाद 14 नलकूपों को क्रिटिकल श्रेणी में घोषित कर किया था। क्रिटिकल श्रेणी में शामिल 14 नलकूपों में पांच नलकूपों ने पूरी तरह से पानी देना बंद कर दिया है।
पांच नलकूपों के पानी देना बंद करने से संबंधित क्षेत्रों में निर्बाध जलापूर्ति की समस्या खड़ी हो गई है। नलकूपों का संचालन ठप होने से विभिन्न मोहल्लों की तकरीबन 15,000 आबादी को निर्बाध जलापूर्ति मिलना बंद हो गई है।
नगर पालिका के मुताबिक शहर के उद्योग विभाग, अन्नू चौराहा, दरियापुर आंख अस्पताल के पीछे, बढ़ैयावीर, एजूकेशन कॉलोनी स्थित नलकूपों ने पानी देना छोड़ दिया है। जल निगम बंद पड़े नलकूपों की रिबोरिंग नहीं करा रहा है।
जिन क्षेत्रों के नलकूप फेल हो गए हैं। वहां नगर पालिका की ओर से सबमर्सिबल पंप की स्थापना कराई गई है। इन सबमर्सिबल पंपों के सहारे पाइप लाइन के जरिए किसी तरह से जलापूर्ति की जा रही है।
जिन स्थानों पर वाटर सप्लाई लाइन नहीं बिछी है। वहां रहने वाले लोग पीने के पानी के लिए हैंडपंप का सहारा ले रहे हैं।
नगर पालिका जलापूर्ति के संसाधनों की व्यवस्था करने में बेबस साबित हो रही है। हैंडपंपों व नलकूपों की रिबोरिंग के लिए नगर पालिका के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। इसकी वजह से हैंडपंपों व नलकूपों की मरम्मत कराने में काफी असुविधा हो रही है।
जलकल के अवर अभियंता पंकज वर्मा ने बताया कि बंद पड़े पांच नलकूपों की रिबोरिंग के लिए जल निगम को कई बार पत्र लिखा गया है लेकिन जल निगम के अधिकारियों की उदासीनता से नलकूपों की रिबोरिंग का कार्य नहीं हो पा रहा है। इस वजह से परेशानी बढ़ी है।