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माइनर कटान

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माइनर कटने से 25 बीघा फसल जलमग्न, लाखोें का नुकसान
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सुल्तानपुर। भदैंया क्षेत्र में सिंचाई खंड की बभनगवां माइनर की पटरी में शनिवार रात अभियाखुर्द गांव के पास कट गई। इससे माइनर का पानी रात भर खेतों भरता रहा। सुबह तक आसपास की करीब 25 बीघा फसल पानी में डूब गई। रात में ही ग्रामीणों को कटान की जानकारी तो मिल गई लेकिन वे काबू नहीं पा सके। रविवार दोपहर करीब एक बजे सिंचाई विभाग के अधिकारियों के प्रयास से कटान पर काबू पाया जा सका।

ब्लॉक क्षेत्र में अभियाखुर्द गांव के पास शनिवार रात अचानक माइनर की पटरी में कटान हो गई। कटान से माइनर का पानी खेतों की ओर जाने लगा। रात भर पानी बहने से आसपास के इलाके में 25 बीघा फसल डूब गई। रात में ग्रामीणों को कटान की जानकारी मिली तो वे सन्न रह गए। मौके पर बड़ी संख्या में किसान जा पहुंचे।
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किसानों ने रात में फावड़े आदि की मदद से कटान पर काबू पाने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। खेत में लगी गेहूं, सरसों, राई, आलू, चना व मटर की फसल पूरी तरह से पानी में डूब गई। माइनर का पानी खेतों से होते हुए गांव व घरों तक पहुंच गया। रविवार सुबह ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को माइनर कटान की जानकारी दी। सूचना के बाद सिंचाई खंड के अवर अभियंता मौके पर पहुंचे। मजदूर लगाकर कटान स्थल पर मिट्टी डलवाई तब कहीं जाकर दिन में एक बजे के करीब कटान पर काबू पाया जा सका।
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इन किसानों का हुआ नुकसान
अभियाखुर्द गांव में माइनर की पटरी में कटान होने से ओमप्रकाश शुक्ल, विजय शंकर, कृष्ण कुमार, जोखई पांडेय, राम अछैबर, स्वामीदीन, सुरेश कुमार, श्याम नरायन, गुरुदीन विश्वकर्मा, कृष्ण देव, श्रीदेव, देवनारायन, राम सिकंदर, राममूर्ति, शिवमूर्ति के खेतों में पानी भर गया। इनके खेतों से होते हुए मथाइनर का पानी ग्रामीणों केऊ घरों तक पहुंच गया। पानी में डूबने से गेहूं, सरसों, आलू आदि की फसलें नष्ट हो गई। किसानों के अनुसार माइनर कटान से करीब दो लाख रुपये की क्षति हुई है।

ग्रामीणों ने काटी पटरी: अभियंता
अवर अभियंता मार्कंडेय पाल ने बताया कि कुछ लोगों ने माइनर की पटरी को काट दिया था। इस वजह से पानी बाहर निकलने लगा। फिलहाल कटान को बंधवा दिया गया है।
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