आजाद का नाम मिटा कर लिखवाया पूर्वज का नाम
क्रासर
बढ़ौनाडीह ग्राम पंचायत में तोरण द्वार में प्रधान का कारनामा
फोटो संख्या-47,48
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। सरकारी पैसे से स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के नाम पर बने तोरण द्वार की पुताई करवाकर बढ़ौनाडीह ग्राम पंचायत के प्रधान ने अपने पूर्वज का नाम लिखवा दिया। इसका खुलासा होने पर डीएम ने जांच कराने की बात कही है।
मोतिगरपुर विकास खंड के बढ़ौनाडीह ग्राम पंचायत में पांडेयबाबा के पास वर्ष 2009 में तत्कालीन ग्राम प्रधान सरजू देवी ने एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह से शहीद चंद्रशेखर आजाद तोरण द्वार बनवाने के लिए धनराशि की मांग की थी। ग्राम प्रधान की मांग पर एमएलसी ने द्वार के निर्माण के लिए अपनी निधि दी थी। मोतिगरपुर ब्लॉक की ओर से कार्य पूरा कराने पर एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद द्वार का लोकार्पण किया था। आरोप है कि मौजूदा ग्राम प्रधान संजय सिंह ने अमर शहीद चंद्रशेखर की याद में बने द्वार के ऊपर हिस्से की पुताई करवाकर उस पर अपने पूर्वज ठाकुर वीरेंद्र प्रताप सिंह का नाम लिखवा दिया। ग्रामीणों के मुताबिक वीरेंद्र प्रताप सिंह प्रधान के ही खानदान के हैं। इसका खुुलासा गांव के ही जयप्रकाश सिंह शिकायत पर हुआ है। इस संबंध में ग्राम प्रधान संजय सिंह का कहना है कि उनके गांव में बने द्वार पर शहीद चंद्रशेखर आजाद का नाम नहीं था। तोरण द्वार के ऊपरी हिस्से पर कुछ नहीं लिखा था।
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शहीद का अपमान
अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद गेट के नाम पर अपनी निधि देने वाले एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह अच्छी बात नहीं है। यह शहीद का अपमान है। उन्होंने स्वीकार किया कि तोरण द्वार का लोकार्पण उन्होंने किया था।
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कराई जाएगी जांच
डीएम ने इसे गंभीर बताते हुए जांच की बात कही है। डीएम हरेंद्रवीर सिंह ने बताया कि सीडीओ से इसकी जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई होगी।