सुल्तानपुर। आम लोगों को राहत देने के लिए शासन-प्रशासन चाहे जितनी जद्दोजहद कर ले, लेकिन मातहत उनकी मेहनत पर पलीता लगाने से नहीं चूकते हैं। ऐसा ही मामला शुक्रवार को सामने आया। वाहन चेकिंग के दौरान बाइक सवार ने वाहन के ऑनलाइन पेपर मोबाइल पर दरोगा को दिखाया। इसके बावजूद उसका 1500 रुपये का चालान काट दिया गया। इसकी जानकारी युवक को तब हुई जब उसके मोबाइल पर मैसेज आया। दरोगा की कार्रवाई के खिलाफ पीड़ित न्यायालय जाने की तैयारी कर रहा है।
एक अक्तूबर से प्रदेश में वाहनों के पेपर लेकर चलने की अनिवार्यता नए एमवी एक्ट व नियमों के चलते खत्म कर दी गई है। नए नियमों के मुताबिक मोबाइल में पेपर ऑनलाइन डाउनलोड करके दिखाने पर वह मान्य है। शुक्रवार को कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के बेलासदा शंकरपुर निवासी राजेंद्र कुमार की बाइक उसका छोटा भाई आलोक लेकर सुल्तानपुर शहर गया था।
वापस लौटते समय नगर कोतवाली क्षेत्र के पखरौली रोड पर स्थित लोलेपुर के पास एसआई ने वाहनों की चेकिंग लगाई थी। कागजात को चेक करते समय आलोक कुमार ने डीएल की फोटो कॉपी और मोबाइल में ऑनलाइन लाइसेंस की कॉपी दिखाया।
इसके बावजूद दरोगा ने उसका 1500 रुपये का चालान काट दिया। आलोक जब चेकिंग स्थल से घर के लिए रवाना हुआ तो रास्ते में ही उसके भाई राजेंद्र के मोबाइल पर ड्राइविंग लाइसेंस न होने के चलते 1500 रुपये का ऑनलाइन चालान का मैसेज आ गया। वाहन स्वामी राजेंद्र कुमार ने बताया कि जबरन 1500 रुपये का चालान काटने के खिलाफ वे न्यायालय की शरण लेंगे।