भदैंया क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमाओं को दिया जा रहा अंतिम रूप। स्रोत-ग्रामीण
भदैंया। शारदीय नवरात्र की सप्तमी और अष्टमी से दुर्गा पूजा मेले की रौनक बढ़ने लगेगी। इससे पहले ही क्षेत्र में करीब 150 दुर्गा प्रतिमाएं लगभग तैयार हो गई हैं। हनुमानगंज, धरौली और मुरारपुर में पूजा समितियों ने प्रतिमाओं की बुकिंग करा ली है। कारीगर प्रतिमाओं की रंगाई, सजावट, वस्त्र और अस्त्र-शस्त्र का काम अंतिम दौर में पूरा करने में जुटे हैं।
हनुमानगंज के मूर्तिकार जयशंकर अपने साथियों के साथ प्रतिमाओं को अंतिम रूप दे रहे हैं। उनका परिवार इसी काम पर निर्भर है। बताया कि मिट्टी जुटाने से लेकर उसे कार्यस्थल तक लाने में समय और पैसा खर्च होता है। कपड़े, हथियार और सजावटी सामान महंगे होने से इस साल लागत बढ़ गई है।
छोटी-बड़ी दुर्गा प्रतिमाओं के साथ अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं बनाने के ऑर्डर मिले हैं। कारीगर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। पूजा शुरू होने से दो दिन पहले प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जाता है। आयोजक पहले दिन से अष्टमी तक मूर्तियां ले जाते हैं।