नलकूप का मोटर जलने से शहर के शास्त्रीनगर, विवेकानंदनगर और ओमनगर मोहल्ले की जलापूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है।बुधवार शाम को मोटर खराब हो गया था। तीन दिन बाद शनिवार को भी मोटर को सही नहीं कराया जा सका। इससे शहर की करीब 15 हजार आबादी पानी को तरस गई। लोग हैंडपंपों से पानी की व्यवस्था कर रहे हैं।
शास्त्रीनगर मोहल्ले में पीने के पानी की आपूर्ति घरों में नलकूप के जरिए होती है। विद्या मंदिर विद्यालय के निकट स्थित नलकूप से शास्त्रीनगर ही नहीं बल्कि ओमनगर व विवेकानंदनगर तक के लोग पानी पाते हैं। बुधवार की शाम अचानक नलकूप का मोटर जल गया। इससे लोगों के घरों में पीने का पानी नहीं पहुंच सका।
बृहस्पतिवार को किसी तरह लोगों ने काम चलाया। शुक्रवार को मुसीबत बढ़ गई। घरों में स्टोर पानी भी खत्म हो गया। हैंडपंप के सहारे किसी तरह से लोगों ने घरों में पानी की व्यवस्था की। कई मोहल्ले के लोगों ने इसकी शिकायत पालिका के अधिकारियों से की लेकिन मैकेनिक न मिलने के कारण शुक्रवार रात तक मोटर नहीं बन सका।
पानी न मिलने से नाराज लोग शनिवार को नलकूप पहुंचने लगे। नलकूप ऑपरेटर ने बताया कि मोटर जलने की जानकारी उसने विभागीय अधिकारियों को दी है। मैकेनिक न मिलने की वजह से मोटर नहीं ठीक हो सका है। इस नलकूप से करीब 15 हजार से अधिक लोगों को पीने का पानी मिलता है।
शास्त्रीनगर निवासिनी प्रेमलता ने बताया कि पिछले तीन दिनों से पानी की समस्या है। इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। मजबूरी में बाहर से पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। सेवानिवृत्त कर्मी डीएन श्रीवास्तव ने बताया कि इस तरह की मुश्किलों का तत्काल निस्तारण होना चाहिए।
उन्होंने बताया कि पालिका के अधिकारियों से शिकायत की गई फिर भी कोई इंतजाम नहीं किया गया है। शारदा यादव ने बताया कि पानी की किल्लत से मुश्किल खड़ी हो गई है। तीन दिन बाद नगर पालिका के अधिकारियों पर शिकायतों का दबाव बढ़ने लगा तो शनिवार को खराब मोटर को बनाने के लिए मैकेनिक भेजा गया।