सरकारी मानकों पर खरे ही नहीं बल्कि उसे चार कदम आगे दिखने वाले जिले के 15 विद्यालयों को चयनित कर उन्हें सम्मानित किया गया है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा मांगे गए आवेदनों में 15 सौ विद्यालय शामिल हुए। इनमें से यह 15 मानकों से भी कुछ आगे रहे। यही कारण है कि अब इन्हें प्रदेश में अपना स्थान कायम करने के लिए चयनित किया गया है।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा विद्यालय में आरओ पेयजल, छात्रों उपस्थित, रंग रोगन, साफ सफाई, बच्चों की शिक्षा गुणवत्ता, बाउंड्रीवाल भवन की स्थिति, परिसर से लेकर कक्षों की सफाई, शौचालय निर्माण व नियमित प्रयोग, एमडीएम कक्ष की स्वच्छता, अध्यापकों की उपस्थित आदि मानक पूरे करने वाले स्कूूूलों से स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। जिसमें से करीब 15 सौ विद्यालयों का आवेदन हुआ जिसमें 534 स्कूलों का सत्यापन कराया गया। इनमें से 15 स्कूल ऐसे हैं जो मानकों पर खरे उतरे।
जिन स्कूलों में जितनी सुविधाएं मानक के अनुरूप मिली उन्हें क्रमश: थ्री, फोर व फाइव स्टार में शामिल कर राज्य स्तरीय पुरस्कार के पाने के लिए मानव संसाधन मंत्रालय के पोर्टल पर अपलोड किया गया। इसमें थ्री स्टार में उच्च प्राथमिक विद्यालय धरौली, नरेंद्र मदरहा। फोर स्टार में केजीबीवी हरख, प्राथमिक विद्यालय मोहारी पुरवा, सरायं अकबराबाद। फाइव स्टार में केजीबीवी त्रिवेदीगंज, रामनगर व बनीकोडर, उच्च प्राथमिक विद्यालय धरौली, प्राथमिक विद्यालय मोहारीपुरवा, सरांय अकबराबाद, गुलरिया हरख, बनौगा निंदूरा व ब्लॉक त्रिवेदीगंज क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय धरौली व नरेंद्र मदहरा आदि शामिल हैं।
इन सभी स्कूलों के प्रधानाचार्य को सीडीओ अंजनी कुमार व एडीएम अनिल कुमार सिंह ने जिला स्तरीय स्वच्छ विद्यालय का पुरस्कार देेकर सम्मानित किया। सभी 15 स्कूलों को पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। इनमें से ओवर ऑल कैटेगरी में फाइव स्टार श्रेणी में आने वाले स्कूलों को राज्य सरकार द्वारा पुरस्कार दिया जाएगा।