सुल्तानपुर। मनरेगा में संशोधित सरकारी एप से मजदूरों की लगाई जा रही फर्जी हाजिरी का भंडाफोड़ हुआ है। जयसिंहपुर के खंड विकास अधिकारी एसएन चतुर्वेदी के निरीक्षण में बुधवार अपराह्न साढ़े तीन बजे वैदहा गांव में कोई मजदूर मनरेगा के कार्य में नहीं मिला, जबकि एप पर 146 मजूदरों की हाजिरी दर्शाई गई है। खुलासे के बाद जिम्मेदार सकते में आ गए हैं।
अमर उजाला ने 20 मई के अंक में माई सिटी के पेज नंबर दो पर मनरेगा के एप में सेंधमारी लग गई मजदूरों की हाजिरी शीर्षक से खबर प्रकाशित की है। सरकारी एप में संशोधन करके मनरेगा मजूदरों की लगाई जा रही फर्जी हाजिरी का खुलासा होते ही उपायुक्त मनरेगा ने खंड विकास अधिकारी जयसिंहपुर को वैदहा व बहाउद्दीनपुर गांव के मनरेगा कार्यों व लगे मजदूरों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
गांव में पहुंचते ही खंड विकास अधिकारी दंग रह गए। मनरेगा के एक कार्य पर 15 मस्टररोल निकालकर 146 मजदूरों को काम पर दिखाया गया है, लेकिन मौके पर कोई मजदूर व काम नहीं मिला। उन्होंने अधीनस्थों से इसके बारे में पूछताछ की तो कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। बताया जा रहा है कि संशोधित एप पर मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाने में एक रैकेट काम कर रहा है। इसके सदस्य प्रदेश के अन्य जिलों में भी बिखरे हैं। ये सदस्य बैठे-बैठे मजूदरों की हाजिरी एप पर अपलोड कर दे रहे हैं।
करीब पखवारे भर से मनरेगा की मजदूरी हड़पने के लिए सेंधमारी का धंधा चल रहा है, लेकिन कई पंचायत सचिवों को मजूदरों की हाजिरी, मनरेगा के काम व भुगतान तक जानकारी नहीं मिल पा रही है। अधिकारी कई दिनों से रैकेट से जुड़े लोगों की तलाश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई सदस्य हाथ नहीं लगा है। जयसिंहपुर बीडीओ एसएन चतुर्वेदी ने बताया कि बुधवार के काम को शून्य किया जाएगा। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी जाएगी।