कूरेभार (सुल्तानपुर)। 18 माह से बकाया वेतन की मांग को लेकर दो दिनों से मिल गेट के सामने धरना-प्रदर्शन कर चीनी मिल कर्मियों ने बुधवार को कार्य बहिष्कार कर दिया। कर्मियों के कार्य बहिष्कार पर चले जाने से मिल में गन्ने की पेराई ठप हो गई। नाराज कर्मियों ने नारेबाजी करते हुए प्रशासनिक भवन में ताला जड़ दिया।
मिल में कुल 309 कर्मी कार्य कर रहे हैं। इनमें 99 कर्मी स्थायी और 210 कर्मी सीजनल हैं। कर्मियों वेतन बकाया बढ़कर 11 करोड़ 66 लाख रुपये तक पहुंच गया है। 25 फरवरी को चीनी मिल कर्मियों ने बकाया वेतन की मांग को लेकर मिल गेट के सामने क्रमिक धरना शुरू किया था।
धरने पर बैठे चीनी कर्मियों से वार्ता करने के लिए जीएम केपी शुक्ला गए थे, लेकिन बात नहीं बनी। बुधवार को चीनी मिल कर्मियों ने मिल गेट के सामने नारेबाजी करते हुए प्रशासनिक भवन में ताला जड़ दिया। पेराई ठप हो जाने से मिल यार्ड में गन्ना लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लग गई हैं। गन्ने की पेराई बंद होने गन्ने की तौल कराने आए किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
कर्मियों से वार्ता करने के लिए बुधवार को दोपहर बाद एसडीएम सदर रामजी लाल, जिला गन्ना अधिकारी अशर्फीलाल, चीनी मिल के मुख्य गन्ना अधिकारी आकाश त्रिपाठी चीनी मिल पहुंचे। अधिकारियों ने चीनी मिल कर्मियों से वार्ता की, लेकिन वे बिना बकाया वेतन का भुगतान हुए कार्य पर वापस लौटने को तैयार नहीं हुए।
प्रदर्शन में पूर्वांचल किसान सहकारी चीनी मिल मजदूर संघ के अध्यक्ष शकील अहमद, मंत्री अवधेश सिंह, सिराज अहमद, रामदुलार वर्मा, सूबेदार विश्वकर्मा, गुलाब निषाद, इसरार अहमद, कृपाशंकर तिवारी, रामकीरत विश्वकर्मा, कपिलदेव समेत कई कर्मी शामिल रहे।