अंजुमन असगरिया गोराबारिक अमहट की तरफ से रविवार की रात अमहट में मजलिस का आयोजन किया गया। विश्व के सबसे ऊंचे 110 फीट के अलम को देखने के लिए कई जनपद के लोगों की भीड़ उमड़ी। जुलूस में शामिल अंजुमनों ने नौहा मातम किया। सोमवार को 18 बनी हाशिम के शबीह ताबूत हुसैनिया शेखखानी में खत्म किया गया।
रविवार की रात अमहट में अंजुमन असगरिया गोराबारिक के तत्वावधान में आयोजित मजलिस को मौलाना आमिर काजमी देहली ने खिताब किया। इसके बाद शबीह गहवारा ‘झूला’ हजरत अली असगर अलैह निकाला गया। रात भर शब्बेदारी हुई। इसमें अंजुमन मोहाफिजे अजा कदीम इलाहाबाद, अंजुमन मासूमिया फैजाबाद, अंजुमन जैनुल ऐबा मीराजैना फैजाबाद ने नौहा मातम किया। सोमवार को 18 बनी हाशिम के शबीह ताबूत हुसैनिया नौतामीर से उठकर हुसैनिया शेखखानी में खत्म किया गया।
जुलूस में विश्व का सबसे ऊंचा 110 फिट अलम लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। इसकी जियारत के लिए लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी, फैजाबाद, गोंडा, बहराइच, बस्ती, जौनपुर, आजमगढ़, वाराणसी, इलाहाबाद, प्रतापगढ़, अमेठी, रायबरेली समेत कई जनपद के लोगों ने भारी संख्या में हिस्सा लिया।
मौलाना आमिर काजमी ने कहा कि यह अलम अमन और शांति का प्रतीक है। इसको मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन अलैह ने करबला के मैदान में बुलंद करके अमन और शांति का पैगाम देकर इंसानियत को बचाया था। जुलूस में मौलाना आबिस काजिम जरवली, मौलाना मुशीर अब्बास, मौलाना नदीम रजा फैजाबाद, मौलाना जीशान हैदर ने तकरीर की। अंजुमन असगरिया अमहट की तरफ से आए हुए लोगों का हुसैनी शिया वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हैदर अब्बास खां ने स्वागत कर आभार जताया।