उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड परीक्षा की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा बृहस्पतिवार से जिले के 90 केंद्रों पर शुरू हुई। परीक्षा के पहले दिन पहली पाली में आयोजित हाईस्कूल के हिंदी व इंटरमीडिएट के सैन्य विज्ञान में कुल 1,826 परीक्षार्थियों ने परीक्षा से किनारा कर लिया।
जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेटों के साथ-साथ सचल दस्ते को पहले दिन एक भी नकलची नहीं मिला। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा बृहस्पतिवार को शुरू हुई। बोर्ड परीक्षा के लिए जिले के 56 वित्तविहीन और 21 अशासकीय के साथ ही 13 राजकीय विद्यालयों सहित 90 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
इन परीक्षा केंद्रों पर हाईस्कूल के 23,790 और इंटरमीडिएट के 16,826 परीक्षार्थियों सहित कुल 40,616 बालक और बालिका परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा के पहले दिन पहली पाली में इंटरमीडिएट के सैन्य विज्ञान विषय में कोई भी परीक्षार्थी पंजीकृत नहीं था वहीं हाईस्कूल हिंदी विषय की परीक्षा में 23,741 परीक्षार्थी पंजीकृत थे।
पंजीकृत 23,741 परीक्षार्थियों में से 1,826 परीक्षार्थियों ने हिंदी की परीक्षा से किनारा कर लिया। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए पहले दिन सभी पांच सचल दल और जोनल मजिस्ट्रेट के साथ ही सेक्टर मजिस्ट्रेटों ने विभिन्न केंद्रों का दौरा किया।
पहले दिन पहली पाली में हुई हाईस्कूल के हिंदी व इंटरमीडिएट के सैन्य विज्ञान तथा दूसरी पाली में इंटरमीडिएट के सामान्य हिंदी व हिंदी की परीक्षा में एक भी नकलची नहीं पकड़ा गया। डीआईओएस डॉ. ओमप्रकाश मिश्र ने बताया कि पूरे जिले में कड़ी सुरक्षा के बीच नकल विहीन परीक्षाएं हो रही हैं।
ऑनलाइन उपस्थिति भेजने की योजना ध्वस्त
माध्यमिक शिक्षा विभाग की योजना परीक्षा के पहले दिन ही ध्वस्त हो गई। जिले के तकरीबन सभी केंद्रों पर तैनात केंद्र व्यवस्थापक परीक्षा शुरू होने से लेकर समाप्त होने तक मोबाइल पर एप्लीकेशन डाउनलोड करने से लेकर उसे फीड करने में परेशान रहे। बांटे गए अधिकतर सिम कार्ड में नेटवर्क ही नहीं आया। अंत में डीआईओएस के कहने पर सभी ने पहले की तरह मैन्युअल अनुपस्थिति कार्यालय को भेजी।