आगरा के बाह में सपा का झंडा लगी गाड़ी पर सवार लोगों ने शनिवार शाम पूछताछ करने पर स्टेटिक टीम पर हमला बोल दिया। वीडियो कैमरा छीन ले गए। राइफल छीनने की भी कोशिश की। तीन लोग घायल हो गए।
मजिस्ट्रेट और दारोगा ने तो भागकर जान बचा ली लेकिन दो सिपाही दौड़ा-दौड़ाकर पीटे गए। इनमें से एक को गंभीर चोटे आई हैं। हालांकि देर शाम एसएसपी ने आगरा में बताया कि हमले के आरोप में मैनपुरी के चार सपा समर्थक गिरफ्तार किए गए हैं।
शिकोहाबाद बार्डर के खांद तिराहे पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट पंकज यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी। पंकज यादव ने बताया कि बटेश्वर की ओर से सपा के झंडे लगी दो गाड़ियों को चेकिंग के लिए रोका गया। पुलिसकर्मियों ने उनसे अनुमति पत्र मांगे।
मजिस्ट्रेट और दारोगा ने भागकर बचाई जान
घायल राजेंद्र के मुताबिक जैसे ही उसने अनुमति पत्र मांगा, गाड़ी में बैठे व्यक्ति ने पूछा, ‘मुझे नहीं जानते, यह ले अनुमति पत्र’ कहते हुए पीटना शुरू कर दिया। उसने बताया कि ‘वह अक्षय यादव को नहीं पहचानता लेकिन साथ वाले ‘अक्षय-अक्षय’ कह रहे थे।’
मजिस्ट्रेट पंकज ने बताया कि सिपाहियों से राइफलें छीनने की कोशिश की गई। टीम के सदस्यों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। हमलावरों ने वीडियोग्राफी कर रहे विष्णु को पीटकर उसका कैमरा छीन लिया। मजिस्ट्रेट ने बताया कि उनपर और दारोगा किशन सिंह पर भी हमले कोशिश की गई लेकिन उन्होंने भागकर किसी तरह खुद को बचाया।
सिपाही राजेंद्र कुमार और धारा सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। हमलावर नसीरपुर, फीरोजाबाद की ओर भाग गए। दारोगा ने घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया, जहां से सिपाही राजेंद्र कुमार और विष्णु को आगरा रेफर कर दिया गया।
मामले में चार की गिरफ्तारी
वहीं एसएसपी शलभ माथुर ने बताया कि स्टेटिक टीम पर हमला हुआ है। चार लोग गिरफ्तार किए गए हैं जो सपा प्रत्याशी अक्षय यादव के साथी नहीं है। टीम ने अक्षय यादव अथवा उनके समर्थकों का नाम नहीं लिया। सिपाही के सवाल पर उन्होंने कहा कि उसने क्या कहा इसकी उन्हें कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।
एसएसपी ने बताया कि फीरोजाबाद से सपा प्रत्याशी अक्षय यादव बटेश्वर के ब्रह्मलाल जी मंदिर में पूजा करने गए थे। उनका नाम लिया जाना इसी संयोग के कारण हो सकता है। क्योंकि गिरफ्तार लोग सपा समर्थक तो हैं लेकिन अक्षय के कार्यकर्ता नहीं।
मंदिर के पुजारी जयप्रकाश गोस्वामी ने भी अक्षय के आने और पूजा करने की पुष्टि की है। इस मामले में अक्षय यादव से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन मोबाइल नहीं उठा। प्रो. रामगोपाल यादव का नंबर भी बंद था। फीरोजाबाद के सपा जिलाध्यक्ष अजीम भाई ने घटना की जानकारी होने से ही इंकार कर दिया।
चोटों पर लीपापोती का मरहम
बटेश्वर में सपा समर्थक न तो पुलिस से डरे, न ही मजिस्ट्रेट से। दो सिपाहियों को तो इतना पीटा कि उनकी दशा गंभीर है। एक की आंखों और सिर में काफी चोट आई है। चोटों से ही पता चलता है कि वे कितने उग्र थे। वहीं इस मामले पर लीपापोती भी होने लगी है। एक गाड़ी में सवार चार लोगों के पकड़े जाने की बात कही जा रही है लेकिन घंटों बाद भी दूसरी गाड़ी या हमलावर पकड़ से बाहर थे।
इस मामले में पुलिस मुख्यालय से जारी प्रेसनोट में राइफल छीने जाने या इसकी कोशिश का जिक्र तक नहीं है। स्टेटिक मजिस्ट्रेट ने पहले इसकी कोशिश बताया था। फिर माना कि छीन ले गए थे। लोगों के आने पर कुछ दूरी पर फेंककर भाग गए। यह भी कि वीडियोग्राफर का कैमरा छीन ले गए लेकिन प्रेस नोट में इसे ‘टूट गया’ दर्शाया गया है।
मजिस्ट्रेट पंकज यादव ने बताया कि वह हमलावर बटेश्वर मंदिर से लौटकर नसीरपुर की ओर जा रहे थे। उन्होंने तो पार्टी का नाम तक लेने से गुरेज किया जबकि सिपाही धारा सिंह ने बताया कि हमला करने वाले समाजवादी पार्टी के लोग थे। हमलावरों ने वीडियोग्राफर विष्णु को भी बुरी तरह पीटा। उसके कान में गहरी चोट आई है। दूसरे जख्मी सिपाही के बयान को भी तवज्जो नहीं दी गई।