वाहन चेकिंग अभियान में यूपी में कादीपुर सपा विधायक के समर्थक की बाइक पकड़ना पुलिस को भारी पड़ गया। समर्थक की बाइक पकड़े जाने से गुस्साए विधायक कोतवाली जा पहुंचे।
विधायक ने एक उपनिरीक्षक को तबादले की धमकी देते हुए पुलिस हिरासत से न सिर्फ समर्थक को छुड़ा लिया, बल्कि उसकी बाइक भी साथ ले गए।
उपनिरीक्षक ने रोजनामचा आम में घटना का ब्यौरा दर्ज करते हुए अधिकारियों को प्रकरण से अवगत कराया। उधर विधायक की शिकायत पर एसपी ने चेकिंग में शामिल एक सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया।
11 जून की रात कादीपुर कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक रईस अहमद और मोहम्मद असलम खां सिपाहियों के साथ वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। तभी बिना कागजात के दो पहिया वाहन चला रहे एक युवक को पुलिस ने रोक लिया।
पुलिस कर्मियों ने उससे कागजात मांगे तो उसने खुद को सपा कार्यकर्ता और विधायक का करीबी बताते हुए कागज दिखाने से इन्कार कर दिया।
पुलिस युवक को हिरासत में लेकर वाहन के साथ कोतवाली पहुंची। इस दौरान युवक ने घटना की सूचना कादीपुर के सपा विधायक रामचंद्र चौधरी को दे दी। विधायक चंद मिनटों में कई कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली पहुंच गए।
विधायक ने दो पहिया वाहन छोड़ने की बात कही तो उपनिरीक्षक मोहम्मद असलम खां ने बिना कागजात दिखाए वाहन छोड़ने में असमर्थता जताई। इस पर विधायक भड़क गए।
विधायक ने सिपाहियों के सामने ही उपनिरीक्षक को स्थानांतरण कराने की धमकी दे डाली। विधायक पुलिस हिरासत से अपने समर्थक व उसके दो पहिया वाहन को छुड़ाकर साथ ले गए।
विधायक की धमकी से भयभीत एसआई मोहम्मद असलम ने कोतवाली के रोजनामचा आम में घटना का पूरा ब्यौरा दर्ज कर दिया है। उधर विधायक की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक ने वाहन चेकिंग के दौरान उपनिरीक्षक के साथ मौजूद रहे सिपाही अखिलेश सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है।
वसूली में जुटी पुलिस : विधायक
कादीपुर विधायक रामचंद्र चौधरी ने कहा कि पुलिस वाहन चेकिंग के नाम पर निर्दोषों को परेशान कर रही है। लोगों से धनउगाही की जा रही है। उन्होंने इसकी शिकायत एसपी, एएसपी और सीओ कादीपुर से की है। उन्होंने उपनिरीक्षक को धमकी देने की बात से इन्कार किया।
होगी कार्रवाई : एएसपी
अपर पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पीएन पांडेय ने बताया कि प्रकरण की जांच सीओ कादीपुर से करवाकर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।