हरदुआगंज थाना क्षेत्र में गत 20 सितंबर को हुई मुठभेड़ को लेकर खडे़ हो रहे सवालों का जवाब तलाशने आई सपा की उच्च स्तरीय टीम ने माना है कि पूरी मुठभेड़ फर्जी है। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद मुठभेड़ में मारे गए मुस्तकीम और नौशाद के परिजनों के साथ ही गांव बहरावद में मारे गए किसान मटूंरी के परिजनों से मुलाकात की।
निरीक्षण और मुलाकात के बाद टीम के सदस्यों ने पत्रकारों से कहा कि यह निश्चित रुप से फ र्जी मुठभेड़ है। वह अपनी रिपोर्ट 12 अक्तूबर को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सौंपेंगे।
सपा के राज्यसभा सदस्य सुरेंद्र नागर की अगुवाई में टीम पूर्व मंत्री कमाल अख्तर, एमएलसी उदयवीर सिंह, पूर्व मंत्री ओमकार सिंह यादव, एमएलसी दिलीप सिंह यादव और पूर्व नगर विधायक अलीगढ़ जफर आलम बुधवार सुबह अलीगढ़ सर्किट हाउस पहुंचे और पत्रकारों से मिले। इसके बाद टीम घटनास्थल थाना हरदुआगंज के माछुआ नहर पर पहुंची।
टीम के साथ पूर्व विधायक ठा. राकेश सिंह, पूर्व विधायक वीरेश यादव, जिलाध्यक्ष अशोक यादव और प्रदेश सचिव मुजाहिद किदवई भी थे। घटना स्थल के निरीक्षण के बाद टीम अतरौली नहीं जाकर वापस सर्किट हाउस लौट आई। यहां टीम के सदस्यों ने मुठभेड़ मारे गए मुस्तकीम व नौशाद के परिजनों से अकेले में मुलाकात की।
सपा के राज्यसभा सदस्य सुरेंद्र नागर ने पत्रकारों से कहा कि इस मुठभेड़ को लेकर उठे सवालों पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें पूरे मामले की जांच के लिए भेजा है। उनको तीन बिंदुओं पर जांच करनी थी। जिनमें घटना स्थल का निरीक्षण के साथ पीड़ित के परिजनों से, मीडिया से और जनता से मिलने के साथ ही सत्यता की जानकारी करना था।
इसकी रिपोर्ट 12 अक्तूबर को वह राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंपेंगे। नागर ने कहा कि पीड़ित परिवार के सदस्यों से वह अकेले में और भययुक्त माहौल में मिले। परिजनों ने उनको बताया कि पुलिस मुस्तकीम और नौशाद को घर से उठाकर लाई थी। इसीलिए उनका मानना है कि मुठभेड़ पूरी तरह से फ र्जी है। अतरौली थाने के गांव बहरावद में मारे गए किसान मंटूरी सिंह के परिजनों ने बताया कि हत्या में दो लोगों महेंद्र सिंह व हरपाल सिंह को नामजद किया गया था, लेकिन पुलिस ने उन्हें छोड़ कर हत्या का केस मुठभेड़ में मारे गए मृतकों पर लगा दिया।
उन्होंने एफआईआर की छायाप्रति भी सपा नेताओं को दी। सपा प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने बताया कि घटनास्थल मुख्य सड़क से दस किलोमीटर दूर है और मुठभेड़ प्रात: पांच बजे दिखाई गई है, जबकि उस समय वहां कोई आदमी नहीं आता जाता। मीडिया भी इतनी प्रात: और इतनी दूर नहीं पहुंच सकती। इससे स्पष्ट है कि मुठभेड़ निश्चित रूप से फर्जी है।
पंखुड़ी पर हमले की दहशत दिखी
बीती छह अक्तूबर को इस एनकाउंटर के मामले में सपा की पूर्व प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक और मंगल पांडेय सेना के अमरेंद्र मिश्रा अतरौली में नौशाद और मुस्तकीम के परिजनों से मिलने आए थे। जहां पर बजरंगियों ने उनका बहुत विरोध किया था। उन पर हमला भी हो गया था।
इस मामले में पंखुड़ी पाठक ने दिल्ली के मायानगरी पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने 10 अक्तूबर को आए सपा के उच्च प्रतिनिधि मंडल को अतरौली नहीं जाने दिया और नौशाद मुस्तकीम के परिजनों को यहां सर्किट हाउस में बुला लिया। वहीं सपा नेताओं ने भी वहां जाने की हिम्मत नहीं दिखाई। गौर हो कि अतरौली पुलिस ने भी नेताओं को वहां आने से रोकने की बात कही थी।