फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sonebhadra News: प्रशिक्षण लेकर तरक्की की राह पर युवा

विज्ञापन
विज्ञापन
सोनभद्र। आदिवासी बहुल जनपद के युवाओं को आरसेटी प्रशिक्षण देकर स्वावलंबी बना रहा है। प्रशिक्षण के बाद कोई डेयरी खोलकर, मत्स्य पालन कर तथा सिलाई और ब्यूटीशियन के जरिये आर्थिक तरक्की कर रहा है। आरसेटी के माध्यम से प्रशिक्षण लेकर पांच हजार से अधिक युवा अब तक स्वावलंबी बने हैं।
विज्ञापन


लीड बैंक इंडियन बैंक (पहले इलाहाबाद बैंक) के माध्यम से जिले में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) का दिसंबर 2011 से संचालन हो रहा है। वर्ष 2012 से अब तक आरसेटी की तरफ से विभिन्न विधा के 275 प्रशिक्षण आयोजित कराए जा चुके हैं। इनमें जिले के 7751 ग्रामीण बेरोजगार युवक-युवतियाें को प्रशिक्षण दिया गया। इसमें 5330 युवा सेलेक्ट हुए। इसमें से 5016 युवा रोजगार कर रहे हैं। 2445 युवा एवं युवतियां सेल्फ फाइनेंस के माध्यम से तो 2571 युवा बैंक से लोन लेकर खुद का रोजगार कर आर्थिक तरक्की कर रहे हैं। आरसेटी से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद इन युवाओं को रोजगार शुरू करने के लिए बैंक की तरफ से ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2023-24 की बात करें तो वर्ष में कुल 25 प्रशिक्षण हुए। इसमें 704 युवाओं ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण लेने के बाद 647 युवाओं ने खुद का रोजगार शुरू कर दिया। 263 स्वयं के रुपये से तो 384 युवा बैंक से फाइनेंस कराकर रोजगार कर रहे हैं। संस्थान के निदेशक ने बताया कि जिले के ग्रामीण बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण लेकर युवा खुद का रोजगार कर सकते हैं।


ये प्रशिक्षण दिए जा रहे निशुल्क

आरसेटी की ओर से सिलाई, आर्टिफीशियल ज्वैलरी मेकिंग, वाशिंग पाउडर एवं साबुन बनाना, टॉयलेट क्लीनर बनाना, मसाला पाउडर, अचार-पापड़, मछली पालन, बकरी पालन, सुअर पालन, डेयरी फार्मिंग, शॉप कीपर, फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी, कंप्यूटराइज्ड एकाउंटिंगआदि का निशुल्क प्रशिक्षण संस्थान की तरफ से दिया जाता है।
विज्ञापन

-
वर्जन:
आरसेटी के माध्यम से युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। सरकारी योजनाओं के तहत बैंक से लोन प्राप्त कर रोजगार कर सकते हैं। योजना के तहत युवाओं को बैंक से सब्सिडी भी प्रदान की जाती है। युवाओं को ध्यान में रखकर ही यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है। - विशाल खन्ना, निदेशक-आरसेटी लोढी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें