बताते हैं कि शाम छह बजे के करीब चंदौली की नंबर वाली एसयूवी 700 म्योरपुर थाना क्षेत्र के आश्रम मोड़ पहुंची। वाहन चला रहे व्यक्ति ने उसे सड़क के किनारे लगा दिया। उसमें बैठी एक महिला नीचे उतर गई। गाड़ी में चार नाबालिग बैठे हुए थे। दोनों की गतिविधियां कुछ इस तरह दिखीं कि लोगों को शक गहरा गया।
वहां जाकर लोगों ने उन दोनों से पूछताछ के साथ ही बच्चों से जानकारी ली तो पता चला कि बच्चे किसी और के हैं। महिला-पुरूष का रिश्ता भी स्पष्ट नहीं हो पाया। इस पर लोग भड़क उठे और बच्चा चोरी का शक जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। 112 नंबर डायल कर पुलिस को भी सूचना दी गई।
इस बीच कुछ लोगों ने चालक सीट पर बैठे व्यक्ति को खिंचकर पिटाई शुरू कर दी। वाहन का शीशा भी तोड़ दिया। पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाना-बुझाना शुरू किया तो लोग लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिसकर्मियों पर भी भड़क उठे। तब तक थानाध्यक्ष रविकांत मिश्रा भी पहुंच गए। लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराने के बाद दोनों संदिग्ध व्यक्तियों और बच्चों को थाने ले जाया गया।
उन्होंने बताया कि दोनों चंदौली के रहने वाले हैं। पूछताछ में खुद को किसान बता रहे हैं। उनका दावा है कि बच्चों के माता-पिता उनके यहां काम करने के लिए आते थे। इसी सिलसिले में वह उन्हें लेने के लिए आए थे। म्योरपुर की तरफ घूमने के लिए आते तो बच्चों को साथ लेते आए। सच्चाई जाने के लिए बच्चों के परिवार वालों को बुलाया गया है। वहीं, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अखिलनारायण देव पांडेय ने बताया कि कहीं यह ह्यूमन ट्रैफिकिंग का तो मामला नहीं, चाइल्ड हेल्पलाइन के जरिए जानकारी ली जा रही है।