जिले में बेसलाइन सर्वे और उसके मुताबिक योजना बनाकर पढ़ाई से वंचित युवाओं और प्रौढ़ों को साक्षर बनाया जाएगा। पहले चरण में 15 से 35 आयु वर्ग और इसके बाद के चरण में इससे अधिक आयु वर्ग को साक्षर बनाने का अभियान चलेगा। यह जानकारी सोमवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित प्रेसवार्ता में डीएम चंद्र विजय सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के जरिए 30 सितंबर तक निरक्षर व्यक्तियों के पहचान के लिए अभियान चलाया जाएगा। सोमवार से इस अभियान की शुरुआत भी कर दी गई है। 20 और 21 सितंबर को सर्वे में लगे शिक्षकों को वर्चुअल प्रशिक्षण दिया जाएगा। निरक्षर व्यक्तियों की पहचान के बाद एक से दस अक्टूबर तक वॉलेंटियर्स शिक्षक के लिए आवेदन लिए जाएंगे।
11 अक्तूबर को बेसलाइन सर्वेक्षण जारी करने के साथ ही, पंचवर्षीय नव भारत शिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ कर दिया जाएगा। कहा कि प्रत्येक तीन महीने पर इसकी प्रगति जांची जाएगी। उन्होंने बताया कि रोजमर्रा के कार्य वालों को उनके मुताबिक साक्षर बनाया ही जाएगा। बीच-बीच में उनके कौशल को निखारने के लिए, तकनीकी प्रशिक्षण (स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग) भी दिया जाएगा।
साथ ही बैंकिंग, डिजिटल से जुड़े कामकाज के लिए वह किसी पर आश्रित न रहें और इसकी आड़ में होने वाले फ्राड से वे अपना बचाव कर सकें, इसके लिए उन्हें डिजिटल तकनीक की जानकारी, स्मार्ट क्लासेस, टैब, मोबाइल आदि के संचालन और उसके उपयोग का भी ज्ञान कराया जाएगा। अभियान से जुड़ रहे लोगों को उत्साह बना रहे, इसके लिए इससे जुड़ी सक्सेस स्टोरी से लोगों को अवगत कराया जाएगा। प्रेसवार्ता में बीएसए हरिबंश कुमार समेत अन्य मौजूद रहे।