सोनभद्र जिले के हाथीनाला थाना क्षेत्र के गड़दरवा गांव के पास जंगल में लापता युवक का शव मिलने का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। जंगली पशुओं को पकड़ने के लिए बिछाए गए तार के करंट से युवक की मौत हुई थी। घटना के बाद शव को आठ किमी दूर जंगल में फेंक दिया गया था। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
यह है मामला
गड़दरवा गांव के पास जंगल में सोमवार को एक युवक का क्षत-विक्षत शव मिला था। शरीर पर जलने के निशान थे। उसकी पहचान दुद्धी के मनबसा गांव निवासी दिनेश कुमार के रूप में हुई थी। दिनेश गत 26 दिसंबर की रात से लापता था। उसकी बाइक गड़दरवा गांव निवासी विजय गुप्ता के घर के पास मिली थी। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी थी।
शव को बीएचयू में फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। युवक के शरीर पर जलने के निशान के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की तो मौत के नए कारणों का खुलासा हुआ। हाथीनाला एसओ भैया एसपी सिंह ने बताया कि दिनेश की मौत जंगली सुअरों को पकड़ने के लिए खेत में बिछाए गए तार में प्रवाहित करंट की चपेट में आने से हुई थी।
पुलिस ने इस मामले में साऊडीह तिराहे के पास से तीन लोगों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान रजखड़ निवासी मनोज कुमार मौर्य, रवींद्र कुमार और गड़दरवा निवासी मनोज गोंड के रूप में हुई।
एसओ के मुताबिक, मनोज गोंड के खेत में आलू बोया हुआ है। इसे जंगली सुअरों से बचाने के लिए मनोज कुमार मौर्य व रवींद्र कुमार के साथ मिलकर उसने खेत के चारों तरफ बिजली का तार बिछाया था। इसमें प्रवाहित करंट की चपेट में आकर दिनेश की मौत हुई थी।