सोनभद्र। रिंहद बांध सिविल खंड पिपरी में कार्य कराने के नाम सरकारी धन के किए गए दुरुपयोग की जांच अब तक पूरी नहीं हो सकी है। सोमवार को एडीएम ने एक्सईएन रिहंद बांध सिविल खंड पिपरी को कराए गए कार्यों से संबंधित कैश बुक व अन्य अभिलेखों के साथ बुलाया था। लेकिन एक्सईएन अभिलेखों को लेकर नहीं पहुंचे। एडीएम ने एक्सईएन को पत्र भेजकर एक जुलाई को हरहाल में अभिलेखों के साथ कार्यालय में उपस्थित होने के लिए पत्र भेजा है।
जानकारी के अनुसार कुछ लोगों ने एडीएम को रिहंद बांध सिविल खंड पिपरी के अधिकारियों के खिलाफ सरकारी धन के दुरुपयोग करने के संबंध में शिकायत पत्र सौंप कर जांच कराने की मांग की है। एडीएम ने रिंहद बांध सिविल खंड पिपरी के अधिशासी अभियंता से वर्ष 2015-16 से लेकर 2018-20 तक कराए गए कार्यों से संबंधित कैशबुक, निविदा के संबंध मेें पेपर कटिंग, प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ उपखंडीय अनुबंध रजिस्टर ,कराए गए कार्यों से संबंधित प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ उपखंडीय कार्यादेश पुस्तिका, कार्यों के लिए प्राप्त धन एवं कार्यों को कराने में खर्च हुए धन का विवरण के साथ कैशियर को 24 जून को भेजने के लिए पत्र लिखा था। लेकिन कैशियर अभिलेख के साथ नहीं गए। इसके बाद एडीएम ने एक्सईएन को खुद उपरोक्त अभिलेखों के साथ 29 जून को बुलाया था। लेकिन सोमवार को भी एक्सईएन और कैशियर अभिलेखों को लेकर एडीएम के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि संबंधित एक्सईएन द्वारा अभिलेखों को उपलब्ध न करा कर जांच को अनावश्यक विलंबित किया जा रहा है। कहा कि रिंहद बांध सिविल खंड पिपरी के एक्सईएन को अंतिम अवसर प्रदान करते हुए एक जुलाई की पूर्वांह 11 बजे अभिलेखों के साथ अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में प्रत्येक दशा में उपस्थित होने के लिए कहां गया है।