बहुचर्चित व्यापम घोटाले को लेकर कांग्रेस की ओर से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है। इसको लेकर कांग्रेसजनों ने 16 जुलाई को सिंगरौली बंद का ऐलान किया है। मंगलवार को सिंगरौली जिला कार्यालय पर बैठक कर कांग्रेसजनों ने इसकी रणनीति बनाई। दावा किया कि बंदी का व्यापक असर देखने को मिलेगा। इसलिए इस मामले में निष्पक्ष तरीके से जांच करके कार्रवाई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सबके सामने आ जाए।
पूर्व जिलाध्यक्ष रामअशोक शर्मा, रामकृपाल शाह, लवलेश सिंह, रामलल्लू शाह, बालमुकुंद सिंह परिहार, सोमदेव सिंह ब्रम्ह, अमित द्विवेदी आदि का कहना था कि व्यापम घोटाला अब खूनी हो गया है। इसमें सीधे तौर पर शासन सत्ता में बैठे लोगों की संलिप्तता तो सामने आई ही है। मुख्यमंत्री भी संदेह के घेरे में हैं। इसलिए मुख्यमंत्री शिवराज को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। ज्ञानेंद्र सिंह, नरेंद्र चंद्र सिंह, कुंदन पांडेय, रवी सिंह तोमर का कहना था कि जनता व्यापम घोटाले की निष्पक्ष जांच चाहती है लेकिन शिवराज और उनके मंत्रियों के दबाव के चलते यह संभव नहीं हो पा रहा है। कहा कि इसीलिए 16 जुलाई को सिंगरौली बंद का निर्णय लिया गया है। इस मौके पर रामगोपाल पाल, सुरेंद्र गुप्ता, सत्यनरायण पटेल, जितेंद्र सिंह पटेल, सोनू कुमार पांडेय, आरके प्रसाद, रमाशंकर पनिका, सत्यनारायण यादव आदि मौजूद थे।