जिले में आयुष्मान कार्ड लाभार्थियों की सूची बनाने में बरती गई लापरवाही लोगों को भारी पड़ रही है। नाम, पते की त्रुटियों से उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा। एक कैंसर पीड़िता ने उच्चाधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है।
रॉबर्ट्सगंज के रेलवे फाटक निवासी महिला बच्चेदानी के कैंसर से ग्रसित हैं। कैंसर तीसरे स्टेज में है। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं हैं। पीड़ित ने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर मदद की गुहार लगाई है। बताया कि उसका नाम आयुष्मान लाभार्थी सूची में है।
सूची में उसके पिता के नाम को उसके पति का नाम दर्शाया गया है, जबकि उसके नाम में लता शब्द अतिरिक्त जोड़ा गया है। उसने कार्ड का केवाईसी कराया, मगर 80 फीसदी त्रुटि के कारण कार्ड स्वीकृत नहीं हो रहा। इससे उसका उपचार नहीं हो पा रहा है।
दूसरी ओर सूची में शामिल होने के कारण अन्य किसी मद से भी धनराशि नहीं मिल पा रही है। वहीं एक अन्य मामले में खैराही बाजार निवासी व्यक्ति ने डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री से मदद की गुहार लगाई है। बताया कि छह साल के उसके नाती को लंबे समय से झटके आ रहे हैं। इलाज में उसे आयुष्मान कार्ड की जरूरत है, मगर आयुष्मान सूची में परिवार के किसी व्यक्ति को शामिल नहीं किया गया है।
जिले में आयुष्मान योजना संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए कार्यालय में हेल्प डेस्क स्थापित है। यहां लोगों की शिकायतों का समाधान किया जाता है। जो भी कमी होती है, उसे दूर कराने का प्रयास किया जाता है।
-डॉ. अश्वनी कुमार, सीएमओ।