19 मांगों को लेकर अनपरा परियोजना गेट पर प्रदर्शन करते विद्युत कर्मी। अमर उजाला
एटक से संबंद्ध उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ ने 19 सूत्री मांगों को लेकर शनिवार को अनपरा परियोजना गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। तीसरे चरण के आंदोलन के बाद भी संजीदगी न दिखाने पर निगम प्रबंधन पर जमकर निशाना साधा। मांगों को लेकर दस सितंबर से लखनऊ में बेमियादी क्रमिक अनशन की चेतावनी भी दी गई।
संगठन के सुशील कुमार श्रीवास्तव, प्रदीप मौर्या ने दस फरवरी 2015 के धरने से संबंधित फर्जी मुकदमे वापस लेने, संविदा कर्मियों के वेतन का भुगतान चेक से सीधे विभाग द्वारा कराने, अपुनरीक्षित वेतनमान 1200-1800 में कार्यरत कार्मिकों को तृतीय समयबद्ध वेतन 6600 का ग्रेड देने, चतुर्थश्रेणी कर्मियों का तृतीय समयबद्ध वेतनमान 54 सौ करने, अभियंताओं की भांति वेतनमान की विसंगतियां दूर करने की मांग की। कहा कि संविदा कर्मियों की सेवा नियमावली बनाई जाए और उन्हें नियमित कर्मचारी का वेतन दिया जाए।
शैलेंद्र सिंह, डीसी मिश्रा ने कहा कि विद्युत दुर्घटना में घायल संविदा कर्मियों के उपचार का खर्च विभाग द्वारा वहन करने, 65 हजार रिक्त पदों पर कार्यरत संविदा, मस्टररोल और छंटनीसुदा कर्मियों को समायोजित करने, यार्डस्टिक के अनुसार नए पदों का सृजन करने की मांग लंबे समय से की जा रही है लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने विभागीय अंशदान से ईपीएफ के रूप में जमा होने वाली धनराशि घोटाले के जांच की भी मांग की। भत्ता, जीपीएफ मद में कटौती की बकाया राशि को ब्याज सहित दिलाने, पावर कारपोरेशन के सभी आदेशों को लागू करने आदि की भी मांग उठाई गई। अध्यक्षता सच्चिदानंद और संचालन क्षेत्रीय मंत्री अजानबाबू सिंह ने किया। इस मौके पर इंद्रपाल वर्मा, गिरिजा प्रसाद, विशाल श्रीवास्तव, सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।