सोनभद्र। जिले के 637 में से 270 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सोमवार से तालाबों की खुदाई, अधूरे पड़े शौचालयों के निर्माण सहित अन्य कार्य शुरू करा दिए गए। अधिकारियों की तरफ से दावा किया गया कि सोमवार को इन 270 गांवों में 2127 मजदूरों ने काम किया।
उधर, लॉकडाउन के दौरान मजदूरों के समक्ष पैदा हुए रोजगार के संकट को देखते हुए मनरेगा के तहत गांवों में काम शुरू कराने के साथ ही मानिटरिंग के लिए विकास भवन में कंट्रोल रूप में भी खोल दिया गया। कंट्रोल रूम के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी गांवों में मनरेगा के तहत काम शुरू कराकर लोगों को रोजगार दिया जा सके। डीसी मनरेगा को इसका नोडल अधिकारी बनाया गया है।
कोरोना वायरस के फैलाव से बचाव के लिए घोषित लॉकडाउन के बीच सरकारी दफ्तर तो सोमवार को खुले ही, इसके साथ ही मनरेगा के तहत गांवों में ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार भी देने का काम शुरू करा दिया गया। इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि काम करते वक्त श्रमिक सोशल डिस्टेंस का भी पालन करें।
मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि लाकडाउन के बीच प्रतिबंध से थोड़ा राहत दिए जाने पर सोमवार को जिले के 272 गांवों में मनरेगा के तहत अलग-अलग कार्य शुरू करा दिए गए। उन्होंने बताया कि मंगलवार से मनरेगा के तहत अन्य गांवों में भी काम शुरू कराए जाएंगे। इसके लिए आवश्यक दिशा निर्देश दे दिए गए हैं। दैनिक मजदूरों को काम मनरेगा के तहत रोजगार दिलाने के लिए विकास भवन में कंट्रोल रूम खोला गया है। कंट्रोल रूम में तैनात कर्मी प्रतिदिन गांवों से रिपोर्ट लेंगे कि किन-किन गांवों में काम शुरू हुए और कितने श्रमिकों को मनरेगा के तहत रोजगार दिया गया। प्रतिदिन की रिपोर्ट के आधार पर श्रमिकों को रोजगार दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा।