सोनभद्र। जिले में प्रवासी श्रमिकों को मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अब तक 55 हजार से अधिक श्रमिक जिले में आ चुके हैं। इनमें से 6079 श्रमिक प्रवासी बताए जा रहे हैं। इन प्रवासी श्रमिकों में से 4255 का जाब कार्ड बनाने के बाद उन्हें 42553 दिन का रोजगार भी दे दिया गया है। बताया जा रहा है कि प्रवासी श्रमिकों को यहां पहुंचने पर पहले उन्हें 14 दिन तक क्वारंटीन रहने को कहा जा रहा है। इसके बाद जाब कार्ड बनाकर उन्हें मनरेगा के तहत रोजगार दिया जा रहा है।
जिले में अब तक आए 6079 प्रवासी श्रमिकों में से बभनी ब्लाक के 370 मजदूरों को 3696 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया चुका है। इसी तरह चतरा ब्लाक के 291 श्रमिकों का जाब कार्ड बनाकर उन्हें 2905 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा चोपन के 557 श्रमिकों को 5565 और दुद्धी के 549 प्रवासी श्रमिकों को 5488 दिन का रोजगार दिया गया है। इनके अलावा घोरावल ब्लाक के 760 श्रमिकों को 7602, म्योरपुर के 530 श्रमिकों को 5299, नगवां के 151 श्रमिकों को 1505 तथा राबर्ट्सगंज के 1049 श्रमिकों को 10493 दिन का रोजगार दिया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार द्विवेदी का कहना है कि बाहर से आने वाले प्रवासी श्रमिकों की क्वारंटीन अवधि पूरी होने के बाद जार्ब कार्ड बनवाकर मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक 4255 प्रवासी श्रमिकों को 42553 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। डीसी मनरेगा को प्रत्येक प्रवासी श्रमिक को मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराने की हिदायत दी गई है।