भाई को राखी बांधने के लिए रोडवेज बसों से सफर पर निकली महिलाओं की खूब फजीहत हुई। महिलाओं की भीड़ के आगे बसें कम पड़ गई। दौड़ते-भागते किसी तरह बसों में प्रवेश मिल सका तो सीट के लिए भी खूब धक्का-मुक्की हुई।
सीट न मिलने से कई लोगों को खड़े होकर सफर करना पड़ा। कई बार बस के लिए घंटे भर का इंतजार भी करना पड़ा। पर्याप्त बसें नहीं चलाए जाने पर घंटों इंतजार कर रही महिलाओं में नाराजगी देखी गई।
शासन की तरफ से रक्षाबंधन के दिन 24 घंटे परिवहन निगम की बसों में महिलाओं को निशुल्क सफर कराने का निर्देश दिया गया है। परिवहन निगम की बसों में रविवार की रात 12 बजे से ही यह सुविधा शुरू कर दी गई।
भाई को राखी बांधने के लिए सोमवार की सुबह से ही महिलाओं की बसों में भीड़ देखी गई। दोपहर 12.20 बजे तक सोनभद्र डिपो की 23 बसों में महिला यात्रियों को सवार करके गंतव्य के लिए भेजी गई। सोनभद्र डिपो में बेतहाशा भीड़ ने परेशानी बढ़ा दी।
जो भी बस आई, उसमें महिलाएं भर जा रही थीं। दोपहर में करीब 12.30 वाराणसी जाने के लिए तैयार एक रोडवेज बस में शक्तिनगर तरफ जाने वाले यात्रियों को सवार करके शक्तिनगर के लिए रवाना किया गया। भीड़ को देखते हुए एआरएम ने बस को शक्तिनगर भेजने का फैसला लिया।
देर शाम तक रोडवेज बसों में सफर करने के लिए महिलाओं की भीड़ जुटी रहीं। पर्याप्त बसें उपलब्ध नहीं होने पर महिलाओं में नाराजगी देखी गई। वाराणसी और शक्तिनगर तरफ जाने वाली रोडवेज बसों में महिला यात्रियों की संख्या अधिक रहीं। वाराणसी तरफ से शक्तिनगर जाने वाली कई रोडवेज बसों में यात्री काफी होने से बाहर से ही बसें चली गई। फ्लाईओवर के नीचे भी महिला यात्री रोडवेज बस का इंतजार करते हुए देखी गई।
ग्रामीण मार्गों पर बढ़ी दिक्कत
जिले में अधिकांश राेडवेज बसों का संचालन वाराणसी-शक्तिनगर और मिर्जापुर, प्रयागराज मार्ग पर होता है। इस मार्ग पर यात्रा करने वाली महिलाओं को तो मुफ्त यात्रा का लाभ मिला, लेकिन दुद्धी, विंढमगंज, कोन, रामगढ़, खलियारी, घोरावल सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों तक जाने के लिए महिलाओं को प्राइवेट साधनों का ही सहारा लेना पड़ा। इन मार्गों पर सफर में उन्हें काफी दुश्वारी हुई। बस, जीप, टेंपो में किसी तरह भरकर वह गंतव्य को रवाना हुईं।