शक्तिनगर के कोटा में प्रदूषण के खिलाफ वाहनों को रोके जाने के बाद खड़े ट्रक ट्रेलर। फोटो- जागरूक
शक्तिनगर (सोनभद्र)। राख ढुलाई से फैल रहे प्रदूषण के खिलाफ सोमवार को कोटा बस्ती की महिला बेला देवी सड़क पर उतर गईं। उन्होंने राख लदे और खाली ट्रक-ट्रेलरों को रोक दिया। देखते ही देखते ग्रामीण भी उनके समर्थन में पहुंच गए। विरोध के चलते पूरे दिन राख का परिवहन ठप रहा और सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लगने से जाम की स्थिति बन गई। महिला के सड़क पर उतरने के कारण सुबह आठ बजे से रात आठ बजे के बाद तक सड़क पर ट्रक और ट्रेलरों का आवागमन ठप रहा। तकरीबन 12 घंटे तक सड़क पर तीन किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। बेला देवी के विरोध की जानकारी मिलते ही ग्राम प्रधान प्रमोद तिवारी समेत बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने कहा कि भारी वाहनों के लगातार आवागमन और सड़क पर गिर रही राख से इलाके के लोगों को काफी परेशानी हो रही है। राख सूखने के बाद धूल उड़ने से आसपास के लोगों की दिक्कत और बढ़ जाती है।
जानकारी मिलने पर एनटीपीसी सिंगरौली के एचआर शशांक मिश्रा मौके पर पहुंचे। ग्राम प्रधान प्रमोद तिवारी ने उन्हें पत्र सौंपकर समस्या से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि ज्वालामुखी-कोटा, कोटा-खड़िया और कोटा-तेलगवां मार्ग पर बड़े वाहनों के आवागमन से सड़क खराब होने के साथ जाम की समस्या भी बनी रहती है। समस्याओं का एक-दो दिन में समाधान नहीं हुआ तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। हालांकि इसके बाद भी प्रदर्शनकारी धूल और राख की समस्या का तत्काल निराकरण कराने की मांग पर रात आठ बजे के बाद तक अड़े रहे। इससे देर रात तक सड़क पर भारी वाहनों का आवागमन ठप रहा। ज्ञापन में स्कूल समय में बड़े वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करने के लिए सुबह 7 से 9 बजे और दोपहर 12:30 से 2:30 बजे तक रोक लगाने का सुझाव दिया गया। सड़क पर प्रतिदिन पानी का छिड़काव और सफाई की मांग की गई। इस दौरान चंदन सिंह, राजकुमार, लव शर्मा, उत्सव गिरी, सकलदेव सिंह, वीरू, विक्की शाह, रौनक कुमार आदि मौजूद रहे।