महिला ने बताया कि वर्ष 2004 में भी लोगों ने बिरादरी से निकाल दिया था और चार वर्षों तक बिरादरी से बाहर रखे रहे। इसके बाद बकरा-भात खिलाने के बाद पुन: बिरादरी में शामिल कर लिया गया। महिला ने 31 अगस्त को बभनी थाने में प्रार्थना पत्र देकर गांव के कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। महिला की दो पुत्री और एक पुत्र है।
उसका कहना है कि पति भी उसका साथ देने की बजाय समाज के लोगों के साथ खड़े हो जाते हैं। महिला ने शनिवार को पुन: बभनी थाने में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह ने कहा कि प्रार्थना पत्र मिला है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।