पूर्व में दो बार टूट चुका था तार, फिर भी नहीं लगाई गई थी सुरक्षा जाली
इस दौरान ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया और घटना को लेकर खासी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि पूर्व में भी दो बार तार टूट चुका है। इससे पहले पुआल और फसल को नुकसान पहुंचा था। बस्ती के नजदीक से हाइटेंशन तार गुजरे होने और तार टूटने की सूचना देने के बाद भी सुरक्षा जाली लगाए जाने को लेकर कोई पहल नहीं की गई। प्रधान हीरामणि का कहना था कि उन्होंने कार्यालय पहुंचकर प्रार्थनापत्र दिया था फिर भी पहल नहीं की गई। तत्काल सुरक्षा जाली सहित अन्य कार्रवाई का भरोसा दिया गया। तब ग्रामीण शांत हुए। विधायक और सीओ दोनों ने बिजली विभाग के अफसरों से बात की। एसडीएम धर्मेंद्र कुमार क्षेत्रीय जेई के साथ मौके पर पहुंचे और मौके का जायजा लेने के बाद शुक्रवार से सुरक्षा जाली (टूटे तार को नीचे आने से रोकने के लिए) लगवाने का भरोसा दिया। इसके बाद गोवंश के पीएम और उनके दफन की प्रक्रिया अपनाई गई। घटना को लेकर ग्रामीणों में खासी नाराजगी की स्थिति बनी रही।
खेत पर गई थी महिला, स्टे वायर में उतरे करंट ने ली जान
दूसरी घटना चोपन थाना क्षेत्र के ओबरा गांव की है। रामदेई (65) पत्नी कैलाश यादव मंगलवार की शाम खेत की तरफ गई थी। बूंदाबांदी के दौरान वह एक बिजली पोल जिस पर अमरबेल फैली हुई थी उसके नीचे बारिश से बचने के लिए खड़ी हो गईं। उसी दौरान उनका हाथ स्टे वायर से छू गया और उसमें प्रवाहित हो रहे करंट की चपेट में आ गई। आस-पास के लोग यह देखकर मौके की तरफ दौड़े तब तक मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर बुधवार की दोपहर जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया।