बताया जा रहा है कि गत शुक्रवार को रमेश अपने दरवाजे पर बैठा हुआ था। उसी समय रामधनी चुपके से आया पीछे से गर्दन पर कुल्हाड़ी चला दी। तेज वार होने से जहां गर्दन पर गहरा जख्म बन गया। वहीं वह खून से लथपथ हालत में गिर पड़ा। यह देख परिजनों में हड़कंप मच गया। तत्काल मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।
पहुंची पुलिस ने 112 नंबर वाले वाहन से ही अस्पताल चलने को कही। पुलिस के मुताबिक इस पर पोता एंबुलेंस बुलाने की बात कहने लगा। यह देख घायल कांस्टेबल के पांव पड़ कर बचाने की गुहार लगाने लगा। इसका वीडियो बनाता देख एक कांस्टेबल उग्र हो उठा और उसने पैर से ठोकर मार दी।
इसके बद आनन-फानन में यायल को विंढमगंज पीएचसी पहुंचाया गया। वहां उसकी गर्दन में पांच टांके लगाए गए और बेहतर उपचार के लिए दुद्धी सीएचसी भेज दिया गया। परिवार वालों का कहना है कि पुलिस ने मदद की बजाय अभद्रता की।
वहीं सीओ दुद्धी राजेश कुमार राय का कहना था कि कांस्टेबल की मंशा गलत नहीं थी। मौके पर कुछ इस तरह की परिस्थितियां बन गईं कि वह आपा खो बैठा। मामले में विंढमगंज थाने में केस दर्ज करा दिया गया है। आरोपी की भी तलाश कराई जा रही है।