राबर्ट्सगंज के आरटीएस क्लब प्रांगण में रविवार की रात प्रवचन में वाराणसी से आए मानस मर्मज्ञ पं. रामेश्वर तिवारी ने कहा कि श्रद्धा के बगैर गुरु की कृपा नहीं मिल सकती और बगैर गुरु की कृपा से सुखद जीवन नहीं मिल सकता। उन्होंने कहा कि धरती पर जो भी मनोवांक्षित कार्य हुए हैं वे सभी गुरु की कृपा से ही संभव हुए हैं। श्रद्धा सात्विक होनी चाहिए,क्योंकि श्रद्धा से ही मानव ज्ञान प्राप्त कर सकता है।
वाराणसी से पधारे पं. अच्युतानंद पाठक ने कहा कि भक्तों की रक्षा और आताताइयों को दंड देने के लिए ही प्रभू का अवतार होता है। नारायण कहते हैं कि मैं भक्तों के अधीन रहता हूं। गोरखपुर से पधारे पं. हेमंत कुमार शास्त्री ने गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या के उद्धार का वृत्तांत सुनाया।