जिला संयुक्त चिकित्सालय का निरीक्षण करते निदेशक संक्रामक रोग डॉ.एके सिंह।
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जिला संयुक्त चिकित्सालय में दुर्व्यवस्था कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। इसका खुलासा शुक्रवार को निदेशक संक्रामक रोग डॉ. एके सिंह के औचक निरीक्षण में हुआ। निरीक्षण के दौरान कई डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी ड्यूटी से नदारद मिले। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए निदेशक ने सीएमएस डॉ. के कुमार को नौ डॉक्टर समेत 23 कर्मियों का वेतन रोकने का निर्देश दिया। निदेशक को कई मरीजों ने अवगत कराया कि डॉक्टर बाहर की दवाएं लिखते हैं। मजबूरी में उन्हें क्रय करनी पड़ती है। अस्पताल में गंदगी मिलने पर निदेशक ने जिम्मेदारों को फटकार भी लगाई।
सुबह साढ़े आठ बजे सूबे के संक्रामक रोग के निदेशक डॉक्टर एके सिंह, राज्य कीट वैज्ञानिक डॉ. विपिन कुमार समेत अन्य अधिकारी अचानक जिला अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों को प्रवेश द्वार पर जमीन पर लेटा एक मरीज मिला। पूछताछ करने पर निदेशक को पता चला कि डॉक्टर ने उसका इलाज करने के बजाय किसी निजी अस्पताल जाने को कहा है। बाकायदा मरीज को निजी अस्पताल का नाम भी बताया। उधर निदेशक के अस्पताल पहुंचने की भनक लगते ही सीएमएस डॉ. के कुमार समेत अन्य कर्मचारी आनन-फानन में अस्पताल पहुंचे। सुबह नौ बजे तक ओपीडी में गिने-चुने ही डॉक्टर समेत अन्य कर्मी के होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए उपस्थिति रजिस्टर की जांच की। जांच के दौरान नौ डॉक्टर समेत 23 स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी से लापता मिले। निदेशक ने सभी का वेतन रोकने और उनसे स्पष्टीकरण मांगने का आदेश दिया। इस दौरान निदेशक को कई मरीजों ने अवगत कराया कि डॉक्टर समेत कई कर्मी रोजाना लेट आते हैं। डॉक्टर बाहर से दवा व जांच लिखते हैं। निदेशक ने चेतावनी देते हुए कहा कि रोक के बावजूद अगर कोई डॉक्टर बाहर से दवाएं लिखता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट दी जाएगी। यहां से निदेशक जनरल वार्ड में पहुंच कर मरीजों से उन्हें मिल रही सुविधाओं और इलाज के बाबत जानकारी ली। भर्ती कई मरीजों ने मेन्यू के अनुसार भोजन और समुचित दवाएं न मिलने की शिकायत की।
एक ही ट्रे में मिले तीस से अधिक भरे हुए इंजेक्शन
जिला अस्पताल में तैनात कई स्वास्थ्य कर्मी अपने कर्तव्यों को लेकर संजीदा नहीं है। शुक्रवार को निदेशक के निरीक्षण के दौरान पता चला कि जनरल वार्ड के नर्स रूम में घंटों पहले इंजेक्शन में दवा भर कर रखी गई थी। इस पर उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारियों को हिदायत दी कि दोबारा ऐसी गलती मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रसोई में नहीं मिली सामग्री, दवा स्टोर में मिली खामी
निदेशक संक्रामक रोग डॉ. एके सिंह ने अपने सहयोगी डॉ. विपिन कुमार और सीएमओ डॉ. रमेश सिंह ठाकुर को रसोई घर और दवा के स्टोर रूम की जांच कर रिपोर्ट देने की बात कही। निदेशक के निर्देश पर अधिकारियों ने रसोई घर की जांच की तो अधिकांश खाद्य सामग्री नदारद मिली। वहां से दुर्गंध भी उठ रही थी। सुबह दस बजे तक रसोई में खाना बनाने की कोई सामग्री उपलब्ध नहीं थी जबकि मरीजों को भोजन देने का समय ग्यारह से साढ़े ग्यारह निर्धारित है। दवा स्टोर रूम की जांच करने पर भी कई खामियां मिली जहां दवाओं का रिकार्ड मेंटेन नहीं था। ऐसी दवाएं भी मिली जिन्हें स्टोर रूम से तीन महीने पहले ही हटा दिया जाना चाहिए था। इस पर सीएमओ ने जरूरी सुधार के निर्देश दिए।