पइका गांव में नीचे से गुजर रही हाईटेंशन लाइन। संवाद
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सोनभद्र/सलखन। जिले के गांवों में जमीन से महज पांच से छह फीट की ऊंचाई पर 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार लटक रहे हैं। ढीले होकर लटकते तार ग्रामीणों के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं। गांवों में खेतों और रास्तों के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार भी कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार तेज हवा या तूफान के दौरान तार आपस में टकराते हैं, जिससे चिंगारी निकलती है और खेत-खलिहानों में आग लगने की घटनाएं भी हो चुकी हैं।
बिजली निगम की तरफ से गांवों में लटकते जर्जर तारों को बदलते हुए उसके स्थान पर आर्मर्ड केेबल लगाए जा रहे हैं। हालांकि लटकते हाइटेंशन के जर्जर तारों को बदलने या इनके मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बिशुनपुरवा गांव की तरह ही रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के सिरपालपुर, पइका, बिजौली, बेठिगांव, लसड़ा और चतरा ब्लॉक के टेकार, पड़री, नरोत्तमपुर सहित अन्य गांवों में बिजली के तार काफी नीचे झूल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर तार इतनी नीचे हैं कि सामान्य ऊंचाई वाले वाहन भी इनके संपर्क में आ सकते हैं। दो दिन पहले चतरा ब्लॉक के बिशुनपुरवा गांव में कम ऊंचाई पर लटकते बिजली के तार की चपेट में आने से एक बुजुर्ग किसान की मौत हो गई थी। घटना के बाद भी निगम की ओर से कहीं भी सतर्कता या मरम्मत नहीं कराई गई है। सलखन क्षेत्र के पइका गांव में खेतों के किनारे गुजर रही 11 हजार की लाइन खंभे से खंभे की अधिक दूरी के कारण जगह-जगह झूल रही है। इससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को लिखित और मौखिक रूप से जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं की गई।
सुरक्षा उपकरण नहीं मिलने से भी नाराजगी
केकराही। करमा ब्लॉक के पसही विद्युत उपकेंद्र से संचालित होने वाले सभी सात फीडर में लगभग 25 संविदा लाइनमैन एवं चार एसएसओ कार्यरत हैं। लाइनमैनों की बात करें तो उनको बिजली निगम की तरफ से किसी भी तरह का सुरक्षा सामग्री नहीं मिली है। इससे पिछले दिनों जोगिनी गांव में विद्युतकर्मी की हुई मौत से वह सहमे हुए हैं। लाइनमैनों का कहना है कि उनकी सेफ्टी के लिए ना तो ग्लब्स मिला है ना सेफ्टी बेल्ट मिला है। पिलास, जूता भी नहीं दिया जाता है।
बिशुनपुरवा गांव में लटकते तार को सही करा दिया गया है। जहां जर्जर एवं लटकते तारों की सूचना मिलती है, वहां मरम्मत कार्य कराया जाता है। रॉबर्ट्सगंज नगर क्षेत्र में कई स्थान पर तार कम ऊंचाई पर लटक रहे थे, खंभा लगाकर उन्हें ऊंचा कराया गया है।- धर्मेंद्र कुमार सिंह, प्रभारी एक्सईएन- रॉबर्ट्सगंज।