सर्द हवाओं ने गलन बढ़ा दी है। सोमवार से एकबारगी बढ़ी ठंड का असर मंगलवार को था। परिणाम हुआ कि देर शाम पारा छह डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इसके बावजूद जिले में कभी भी सरकारी अलाव जलने की कोई व्यवस्था नहीं की गई। जबकि जिलाधिकारी ने एक सप्ताह पूर्व ही अलाव के लिए सभी तहसीलों को बजट जारी कर दिया है।
सरकारी मशीनरियों के साथ स्वयंसेवी संस्थाओं भी इस कार्य में फिलहाल कोई रुचि नहीं दिखाई है। नगर पालिका चेयरमैन का कहना है कि अलाव जलवाने के लिए जगह चिह्नित कर लिया गया है। जल्द ही अलाव जलाया जाएगा।
मौसम परिवर्तन के साथ ही ठंड बढ़ गई है। तापमान गिरने से गलन में भी तेजी से इजाफा हुआ है। मंगलवार की शाम न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस रहा और सर्द हवाओं के चलते गलन भी तेज रही। इससे जहां लोगों ने गर्म वस्त्रों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है वहीं राहगीरों को अलाव की जरूरत भी महसूस की जाने लगी।
लेकिन जिले भर में कहीं भी सार्वजनिक स्थान पर अलाव नहीं जलाए गए। पिछले दिनों डीएम की ओर से सूचना आई थी कि सभी तहसीलों को ठंड से बचाव के लिए 50-50 हजार रुपये आवंटित कर दिए गए हैं लेकिन तहसील प्रशासन की ओर से अलाव के इंतजाम नहीं हुए। सरकारी और प्राइवेट बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों के साथ ही अन्य सार्वजनिक स्थलों पर अलाव न होने से लोग ठिठुरते रहें।
राबर्ट्सगंज नगर पालिका में पूर्व के वर्षों में कई महत्वपूर्ण स्थानों पर अलाव के इंतजाम किए जाते थे, लेकिन इस वर्ष अब तक कहीं भी अलाव नहीं जल रहा है। इस बाबत पूछे जाने पर नगर पालिका अध्यक्ष कृष्ण मुरारी गुप्ता का कहना है कि मंगलवार को ही उन्होंने पालिका के कर्मियों के साथ बैठक की है। सार्वजनिक स्थानों को चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है।
पहले के सार्वजनिक स्थलों पर रात से ही अलाव जलवाए जाएंगे और अन्य नई जगहों पर कल से अलाव जलने लगेंगे। उधर ग्राम पंचायतों में भी अलाव के कोई इंतजाम नहीं है। इस संबंध में जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी ने बताया कि तहसीलों को बजट आवंटित कर नगर पालिका और नगर पंचायतों के अधिकारियों को अलाव जनाने के लिए आदेश दिया गया है।