डीएम बद्रीनाथ सिंह ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जिला पेयजल एवं स्वच्छता समिति की बैठक ली। निर्माणाधीन पेयजल परियोजनाओं के अधिकारियों को अवशेष कार्य शीघ्र पूर्ण कर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि एडीएम (नमामि गंगे) व एक्सईएन जल निगम निरंतर निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण करते रहें। जिन गांवों में टैंकर के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जा रही है, उन ग्रामों में पाइप पेयजल योजनाओं की कमियों का निराकरण कराते हुए नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।
जलनिगम ग्रामीण के एक्सईएन को निर्देशित किया कि पटवध ग्राम समूह पेयजल योजना के तहत पूर्ण हो चुकी ओएचटी एवं पाइप लाइन की टेस्टिंग करते हुए ग्रामों में जलापूर्ति प्रारंभ कराएं।
निर्माणाधीन पेजयल योजनाओं के स्रोत में जल की पर्याप्त उपलब्धता के लिए सिंचाई विभाग के एक्सईएन को निर्देशित किया। सोन नदी पर निर्मित पेयजल योजनाओं के इंटेकवेल पर जल की पर्याप्त उपलब्धता के लिए जल विद्युत उत्पादन निगम ओबरा के एक्सईएन और कार्यपालन यंत्री बाणसागर, जल संसाधन विभाग सहडोल (मप्र) से समन्वय स्थापित करने को कहा।
बेलाही, पनारी, झीलो-बीजपुर एवं पटवध ग्राम समूह पेयजल योजना में अवशेष स्वतंत्र फिडर का कार्य कराने के लिए वन विभाग से अपेक्षित एनओसी लेकर कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिन ग्रामों में जल जीवन मिशन के माध्यम से जल आपूर्ति प्रारंभ हो गई है, उसकी सूची एक्सईएन जल निगम शीघ्र उपलब्ध कराएं। अगर उन ग्रामों में जल आपूर्ति संबंधित कोई समस्या प्राप्त होती है तो संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में एडीएम (नमामि गंगे) रोहित यादव, एक्सईएन जल निगम अरुण सिंह आदि उपस्थित रहे।