रॉबर्ट्सगंज नगर स्थित कुशवाहा भवन में सोमवार को तथागत गौतम बुद्ध की जयंती सर्व समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई। वक्ताओं ने कहा कि दुनिया में जब भी शांति की बात होगी, सबसे पहले बुद्ध याद आएंगे।
बोधाचार्य अमरनाथ बौद्ध, शिव शंकर बौद्ध, सरोज बौद्ध व अरुण बौद्ध द्वारा त्रिशरण, पंचशील और अष्टांगिक मार्ग पर आधारित ध्यान कराया गया। इस मौके पर सांसद छोटेलाल खरवार ने कहा कि बुद्ध का दर्शन समाज में व्याप्त कुरीतियों के उन्मूलन का मार्ग है और शिक्षा ही इसका माध्यम है।
डॉ. संजय कुमार सिंह ने तथागत के विचारों को वैज्ञानिक सोच से परिपूर्ण बताया और कहा कि आज भी पूरी दुनिया में बुद्ध के विचार प्रासंगिक हैं। उन्होंने विपश्यना को आत्मनियंत्रण का श्रेष्ठ साधन बताया।
डॉ. दिनेश ने कहा कि अष्टांगिक मार्ग जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की कुंजी है। पंकज कुशवाहा ने कहा कि आज भी बुद्ध पर शोध हो रहे हैं और उनका शांति का मार्ग संपूर्ण विश्व में स्वीकार्य है।
रविकांत कुशवाहा, शशिकांत वर्मा और मनोज ने कहा कि बुद्ध हमेशा लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे। कृपा शंकर चौहान, प्रमोद यादव और राजेश जायसवाल ने तथागत के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण को एक ही नक्षत्र में होना विशेष महत्व का बताया।
डॉ. ओम प्रकाश मौर्य, श्रीनाथ वर्मा और कमलेश मास्टर ने भी विचार रखे। कार्यक्रम के अंत में मोहन कुशवाहा ने सभी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि जब भी विश्व में शांति की बात होती है या होगी बुद्ध को स्मरण किया जाता रहेगा।
इस अवसर पर बच्चों ने बुद्ध के जीवन पर आधारित कविताएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम के अंत में खीर रूपी प्रसाद का वितरण हुआ। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. संजय कुमार सिंह ने किया।