डोडहर गांव में किशोर राजू पाल की मौत के मामले में बुधवार को नया मोड़ आ गया। पहले हत्या की आशंका जताने वाले परिजनों ने अब पुलिस को बयान में डांट फटकार से क्षुब्ध होकर आत्महत्या करने की बात कही है। पुलिस को गुमराह करते हुए उन्होंने खुद शव को उतारकर नीचे रख दिया था।
15 वर्षीय राजू पाल का मंगलवार को घर से 800 मीटर निर्माणाधीन मकान के पास एक टीनशेड के कमरे में शव मिला था। उसका शव जमीन पर पड़ा था और गले पर रस्सी का निशान था। इस आधार पर पिता श्यामलाल ने हत्या का शक जताते हुए पुलिस को तहरीर दी थी।
बुधवार को पिता श्यामलाल व चाचा बच्चन लाल ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि गत सोमवार को राजू अपने पिता को बिना बताए बाइक लेकर कहीं चला गया था। लौटने पर राजू को पिता ने जमकर डांट लगाई थी। इससे क्षुब्ध होकर वह निर्माणाधीन मकान पर सोने की बात कह घर से चला गया।
रात में बगल में ही पशु बांधने वाले टिन शेड के मकान में जाकर बल्ली के सहारे नायलान की रस्सी से फंदा लगाकर जान दे दी। सुबह जब परिजनों ने देखा तो डर के मारे आनन-फानन शव को फंदे से उतार कर जमीन पर रख दिया था और सूचना प्रधान व पुलिस को दी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने सख्ती बरती तो परिजनों ने सच्चाई बयां की। प्रभारी निरीक्षक अखिलेश मिश्रा ने बताया कि किशोर के पिता व चाचा ने थाने आकर फंदा लगाकर आत्महत्या करने की जानकारी दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी गला कसने से ही मौत की बात सामने आई है।