जिला प्रशासन ने लगातार बारिश से होने वाली क्षति को लेकर अधीनस्थों को अलर्ट किया है। लेखपालों को लगातार बारिश के दौरान क्षेत्र में रहने का निर्देश दिया गया है। डीएम सीबी सिंह ने चेताया है कि यदि बारिश के दौरान लेखपालों का मोबाइल लोकेशन क्षेत्र में नहीं पाया गया तो वे निलंबित किए जाएंगे।
पिछले कई वर्षों के बाद 2016 में जिले में मूसलाधार बारिश हुई है। अत्यधिक बारिश होने से गांवों के तालाब, बंधी, बांध, नाला और नदियों मेें पानी भर गया है। गर्मी के दिनों में जलस्तर नीचे चले जाने से पानी छोड़ चुके करीब 17 हजार इंडिया मार्का हैंडपंपों ने पानी देना शुरू कर दिया है। बारिश से पिछले दिनों कोन थाना क्षेत्र के पिपरखाड़ समेत अन्य गांवों में कई पुलिया और रपटा बह गया था। यहां तक झारखंड और यूपी को जोड़ने वाले मार्ग पर करीब दो फीट पानी होने से जिला प्रशासन ने घंटों आवागमन ठप करा दिया था।
बारिश से कई कच्चे मकान धराशायी हो गए । लेकिन लेखपालों ने इसकी रिपोर्ट अभी तक अपने उच्चाधिकारियों को नहीं दी है। भीषण बारिश होने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ से प्रभावित गांवों को चिह्नित कर वहां बाढ़ शरणालय बनाने की तैयारी में जुट गया है।
जिलाधिकारी ने राबट्र्सगंज, दुद्धी और घोरावल तहसील के एसडीएम को लेखपालों को 24 घंटे क्षेत्र में तैनात रखने का निर्देश दिया है। लेखपालों की जिम्मेदारी है कि बारिश से किसी का मकान गिरता है या कोई नुकसान होता है तो उसकी रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम को उपलब्ध कराएं। डीएम सीबी सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि बारिश के दौरान लेखपाल अपने-अपने क्षेत्र में मौजूद रहेेंगे। जरूरतपड़ने पर सर्विलांस से लेखपालों के मोबाइल का लोकेशन पता लगाया जाएगा।