बीना में प्रदर्शन करते कोल ट्रांसपोर्ट सँयुक्त मोर्चा के पदाधिकारी।
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अनपरा/ शक्तिनगर। संयुक्त ट्रांसपोर्ट संगठन मोर्चा के तत्वावधान में रविवार को ट्रांसपोर्ट चार्ज बढ़ाने की मांग को लेकर सोनभद्र और सिंगरौली के ट्रांसपोर्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की ताल ठोक दी। हड़ताल से देर रात से ही एनसीएल से निकलकर परियोजनाओं के लिए रोड के माध्यम से जाने वाला कोयले का डिस्पैच पूरी तरह बंद हो गया। किसी भी वाहन को खदान के भीतर नहीं जाने दिया गया। अगर ट्रांसपोर्टरों की यह हड़ताल लंबी खींचती है तो विद्युत परियोजनाओं में कोयले की कमी से संकट के बादल मंडरा सकते हैं।
संयुक्त मोर्चा के एपी मिश्रा, रवि राय और राजेश सिंह का कहना था कि खदान के अंदर चलने वाले वाहनों को प्रभावित नहीं किया जाएगा हालांकि जो वाहन खदान के भीतर से कोयला लेकर सड़क मार्ग से पावर प्लांट पहुंचते हैं उन्हें पूर्ण रुप से बंद रखा जाएगा। कहा कि कोरोना महामारी के चलते ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर भारी असर पड़ा है। अभी ट्रांसपोर्टर इससे उबरे भी नहीं थे कि बीते दिनों सरकार ने डीजल के रेट में बेतहाशा वृद्धि कर दी। इससे वाहन मालिकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। यदि भाड़ा में वृद्धि नहीं की जाती है तो आंदोलन को और तेज किया जायेगा। सिंगरौली और सोनभद्र के सभी ट्रांसपोर्टरों की ओर से संयुक्त रूप से की गई इस हड़ताल का वाहन मालिकों का समर्थन रहा। सिंगरौली और सोनभद्र में फैले एनसीएल की कोल खदानों से सड़क मार्ग द्वारा कोल डिस्पैच पूरी तरह से प्रभावित रहा। एनसीएल की कृष्णशीला, ककरी, दुधीचुआ, जयंत, निगाही समेत अन्य खदानों पर प्रदर्शनकारी ट्रांसपोर्टर डटे रहे। इस अवसर पर भगवती यादव, हंसराज सिंह, दिनेश कुमार सिंह, गोपाल सिंह, हरि कृष्णा, गैवी नाथ यादव विनोद चन्द्रवंशी, भगवती यादव आदि मौजूद रहे। इस संबंध में एनसीएल के पीआरओ राम विजय सिंह का कहना है कि कोल ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल का एनसीएल में आंशिक रूप से असर दिखाई पड़ा।