Sonbhadra News: पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण नीचले क्षेत्रों और गांवों में दहशत का माहौल है। वहीं, कनहर बांध के 16 गेट खोल दिए जाने से कई गांव भी जलमग्न होने के कगार पर हैं। साथ ही चार गांव डूब गए हैं। तेज गति से बांध का पानी निकाला जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही तेज बारिश से कनहर नदी उफान पर है। पहाड़ों से पानी आने के बाद नदी में पानी बढ़ने के कारण कनहर बांध का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है। पानी के दबाव को नियंत्रित करने के लिए शनिवार को कनहर बांध के सभी 16 फाटक खोल दिए। तेज गति से पानी बांध से निकाला जा रहा है।
विज्ञापन
पिछले दो दिनों से लगातार बारिश के कारण छत्तीसगढ़ से आने वाली कनहर नदी उफना गई है। उसकी सहायक पांगन, ठेमा व लौआ नदी में भी पानी बढ़ गया है। ऐसे में कनहर बांध में पानी भरने से प्रशासन अलर्ट है। बांध के जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बाढ़ कंट्रोल रूम में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
विज्ञापन
अमवार के फील्ड हॉस्टल में बने बाढ़ नियंत्रण कक्ष से छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज, खुरी, त्रिशूली से नदी के जलधारा की हर घंटे जानकारी ली जा रही है। बांध का आरएल (क्रेस्ट) लेबल 12 बजे तक 253 मीटर था, जो 2 बजे तक 255 मीटर तक हो गया। शाम करीब छह बजे यह 256 मीटर तक पानी पहुंच गया था।
इस लेवल तक बांध में पानी रोकने से सुगवामान, सुंदरी, कोरची, भिसूर चार गांव डूब गए हैं। क्रेस्ट लेबल 256 मीटर तक पानी बांध में आने का मतलब पांच मीटर की रफ्तार से बांध का पानी नीचे गिर रहा है। इसे देखने के लिए पर्यटकों की भीड़ लगी रही।
तहसीलदार दुद्धी ज्ञानेंद्र यादव ने डूब क्षेत्र के लेखपालों और सिंचाई विभाग के अवर अभियंता नंदलाल यादव के साथ अलग-अलग गांव में भ्रमण कर रहे हैं। किसी भी विस्थापित को कोई असुविधा न हो इसलिए प्रशासन मुस्तैदी में लगा है।