समायोजन रद्द होने के बाद शिक्षामित्रों ने बुधवार को खुदकुशी का प्रयास किया। राबर्ट्सगंज के आरटीएस क्लब के पास स्थित पानी टंकी पर सुबह आधा दर्जन शिक्षामित्र चढ़ गए और नीचे उतरने से इनकार कर दिया। हालांकि करीब दो घंटे बाद एसडीएम हर्षदेव पांडेय के समझाने, बुझाने पर शिक्षामित्र नीचे उतरे। इस दौरान दो महिला शिक्षामित्र अचेत होकर गिर पड़ी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कोतवाल केडी यादव ने महिलाओं को जिला अस्पताल ले जाकर उपचार कराया।
सहायक अध्यापक पद पर समायोजन न होने से शिक्षामित्र आग बबूला हो गए है। बुधवार की सुबह करीब सवा आठ बजे राबर्ट्सगंज नगर पालिका पार्क परिसर स्थित पानी टंकी पर शिक्षामित्र रश्मिकांत शुक्ला, माया चौबे, अनिल सिंह, प्रियंबदा सिंह, मधुबाला, चंचला और सुशीला चढ़ कर आत्महत्या करने की धमकी देने लगे। जानकारी मिलते ही फोर्स और फायरकर्मियों के साथ सदर एसडीएम हर्षदेव पांडेय, तहसीलदार योगेेंद्र सिंह, कोतवाल केडी यादव, चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंच कर गए। लेकिन शिक्षामित्रों के आत्महत्या करने की धमकी देने के नाते कोई भी अधिकारी उन्हें नीचे उतारने की हिम्मत नहीं जुटा सका। शिक्षामित्रों का कहना था कि उनकी रोजी-रोटी छिनी जा रही है।
एसडीएम ने शिक्षामित्रों को उनकी मांगें शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया तब जाकर शिक्षामित्र करीब सवा दस बजे टंकी से नीचे उतरने को राजी हुए। टंकी से नीचे उतरते ही शिक्षामित्र चंचला और सुशीला अचेत हो गई, जिन्हें प्रशासन ने एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा। यहां प्राथमिक उपचार करने के बाद डाक्टर ने दोनों को छुट्टी दे दी। बता दें कि उधर शिक्षामित्रों के कार्य बहिष्कार से ज्यादातर विद्यालयों में ताला लटक रहा है।
इससे पठन-पाठन व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी नंदलाल सिंह ने बताया कि बंद विद्यालयों को खोलने का प्रयास किया जा रहा है। जिन विद्यालयों पर एक से ज्यादा शिक्षक हैं, उन शिक्षकों को बंद विद्यालयों पर भेजा जाएगा। प्रेरकों को भी बंद विद्यालयों पर भेज पठन-पाठन सुचारू का प्रयास किया जा रहा है।