सोनभद्र। प्रसाद के लड्डू में बेहोशी की दवा खिलाकर जेवर चोरी करने के साढ़े दस साल पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम खलीकुज्जमा की अदालत ने दोषी को सात वर्ष कैद की सजा सुनाई है। बृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उस पर 15 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक घोरावल कोतवाली क्षेत्र के करीबरांव गांव की धनवंती पत्नी बिंद्रा पटेल ने थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि उसके घर एक -दो बार नान्हक उर्फ नन्हकू प्रजापति निवासी भुजवा की चौकी, थाना कोतवाली देहात जिला मिर्जापुर आया था। तीसरी बार 24 जुलाई 2012 को शाम साढ़े छह बजे उसके घर आया और प्रसाद के लड्डू में बेहोशी की दवा खिलाकर जेवर चुराकर भाग गया। जब उसे रोका गया तो वह नहीं रुका। शक होने पर बक्शा खोलकर देखा गया तो जेवर गायब थे। जेवर की कीमत लगभग 50 हजार रूपये हैं। तहरीर पर 28 जुलाई 2012 को एफ आई आर दर्ज किया गया। मामले की विवेचना के दौरान पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोषी नान्हक उर्फ नन्हकू प्रजापति को 7 वर्ष की कैद व 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता कुंवर वीर प्रताप सिंह ने बहस की