राबर्ट्सगंज शीतला माता मंदिर पर नवरात्र की तैयारी पर नारियल-चुनरी की खरीदारी करती महिलाएं।
राबर्ट्सगंज के शीतला मंदिर से सटे नीम के पेड़ में माता शीतला वास करती हैं। इस पेड़ में मां शीतला की आकृति है। श्रद्धालु मन्नत पूरी करने के लिए पेड़ मेें रक्षा अथवा नारियल बांधते हैं।
मंदिर के पुजारी अछैवर शुक्ला ने बताया कि पूर्व में नीम के पेड़ के नीचे माता शीतला की प्रतिमा थी। लेकिन प्रतिमा कब से स्थापित है उनको इस बात की जानकारी नहीं है। कहते हैं कि कुछ श्रद्धालुओं ने मन्नत पूरी होने पर वर्ष 1973 में मंदिर का निर्माण कराया। लेकिन नीम का पेड़ नहीं कटवाया, क्योंकि उसमें मां शीतला की आकृति स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
बताया माता शीतला की सच्चे मन से पूजन-अर्चन करने वाले श्रद्धालुओं की सभी मन्नत पूरी होती है। श्रद्धालु पूजन-अर्चन करने के लिए आते हैं। ऐसी मान्यता है कि जिसे चिकल पाक्स निकलता है, उसे माता शीतला के प्रतिमा के स्नान कराए गए पानी को प्रसाद के रूप में पिलाने से उसे आराम मिलता है।