अनपरा। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में बीएलओ ही नहीं, मतदाता भी परेशान हैं। बड़ी संख्या में मतदाता एसआईआर फार्म के लिए बूथों के चक्कर काट रहे हैं। बीएलओ ने इनके घरों में फॉर्म नहीं उपलब्ध कराए। कई मतदाताओं के नाम सूची से गायब हैं।
एसआईआर का अंतिम चरण चल रहा है और नगर में अभी तक करीब 35 फीसदी फार्म ऑनलाइन किए जा सके हैं। फार्म वितरित करने में लापरवाही के कारण बड़ी संख्या में मतदाता परेशान हैं। बहुत से महिला बीएलओ का काम उनके पति या घर के अन्य सदस्य कर रहे हैं।
नगर पंचायत के अनपरा बाजार स्थित पुराने कार्यालय को कंट्रोल रूम बनाया गया। यहां नगर पंचायत के कर्मचारियों को फार्म ऑनलाइन करने के लिए लगाया गया। यहां करीब 20 से अधिक कर्मचारी सुबह 9 बजे से रात दस बजे तक लगातार लगे हुए हैं। सभी बूथों से फार्म एकत्र कर लेखपाल कंट्रोल रूम तक पहुंचा रहें हैं।
सभी बूथों पर बीएलओ के साथ परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं लगाया गया है। वहीं, सफाई नायकों को वोटर के घर फार्म पहुंचाने के लिए लगाया गया है। मतदाताओं को तलाश के लिए कोटेदारों का सहयोग लिया जा रहा है।
नगर छोड़कर जा चुके वोटर लेकिन नहीं काटे नाम
औद्योगिक नगरी होने के कारण क्षेत्र में बाहरी लोगों की संख्या ज्यादा है। पहले नाम तो चढ़े, लेकिन उनके जाने के बाद कभी कटे नही। एसआईआर फार्म वितरित करने निकले बीएलओ के सामने सबसे बड़ी ऐसी ही चुनौती है। यह समस्या नगर के औड़ीमोड़, अनपरा बाजार, परासी, बीना रोड, काशीमोड़, कालोनी में ज्यादा है। सभी बूथों के बीएलओ की माने तो मतदाता सूची के हिसाब से करीब 30 फीसदी मतदाता क्षेत्र छोड़कर जा चुके हैं या उनकी मृत्यु हो चुकी है।
फाॅर्म ऑनलाइन करने में सर्वर बाधक
अचानक लोड बढ़ने पर दिन के समय सर्वर स्लो हो जा रहा है। इस कारण फार्म ऑनलाइन करने में समस्या हो रही है। कभी एप हैंग हो जा रहा है, तो कभी धीमी गति से फार्म अपलोड हो रहा है। इस कारण दिन के समय फार्म वितरित करने और उसे भरने का जोरों पर चल रहा है। रात के समय एप सही चलता है। रात होते ही सभी कर्मचारी फार्म ऑनलाइन करने में लग जा रहें हैं।
केस एक:
मुझे एसआईआर का फाॅर्म नहीं मिला। जीआईसी अनपरा तक जाना पड़ा, फिर भी फॉर्म नहीं मिला। ऑनलाइन जांच में पता चला कि मेरी पहचान पत्र संख्या किसी और के नाम पर दर्ज है। जबकि पिछले लोकसभा और विधानसभा में चुनाव में मैने मतदान किया था। - सारनाथ, दुल्लापाथर वार्ड नंबर 6
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केस दो:
मुझे एसआईआर का फॉर्म नहीं मिला। बूथ के चक्कर काटने के बाद भी हाथ कुछ नहीं लगा। बीएलओ ने पहचान पत्र संख्या की ऑनलाइन जांच किया तो गलत बताने लगा। इसी पहचान पत्र से पहले मतदान कर चुका हूं। - रामदरश पटेल, औड़ी मोड़ वार्ड नंबर 6
बीएलओ का सहयोग करें मतदाता
सोनभद्र। जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी बीएन सिंह ने शुक्रवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय केकराही व बीआरसी केकराही में मतदाता गणना प्रपत्रों के वितरण, संग्रह और डिजिटाइजेशन कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान बताया गया कि विधानसभा क्षेत्रों में गणना प्रपत्रों का वितरण, एकत्रीकरण व फीडिंग का काम पूरा हो चुका है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले बीएलओ को डीएम ने प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। डीएम ने कहा कि बीएलओ पूरी निष्ठा से कार्य कर रहे हैं और मतदाताओं को भी सहयोग करना चाहिए।
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डीएम ने राजनीतिक दलों के साथ किया मंथन
सोनभद्र। आगामी विधानसभा मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी बीएन सिंह ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। प्रतिनिधियों ने बीएलओ से संबंधित कुछ समस्याएं उठाईं, जिन पर डीएम ने समाधान के निर्देश दिए। औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों के गणना प्रपत्र एकत्र करने में दिक्कतों को देखते हुए डीएम ने औद्योगिक इकाइयों के प्रबंधकों से सहयोग की अपील की। उन्होंने बताया कि चार नवंबर से चार दिसंबर तक बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्र बांट रहे हैं। यदि कोई मतदाता फॉर्म नहीं जमा तो उसका नाम 9 दिसंबर को प्रकाशित होने वाली मतदाता सूची से कट सकता है। बैठक में विभिन्न दलों के जिला पदाधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।