बुंदेलखंड में बड़े नेताओं का एक-दूसरे पर सियासी हमलों का सिलसिला मंगलवार को थम चुका है। नेताओं की अब पूर्वांचल में आने की बारी है। नेता जल्दी ही ताबड़तोड़ दौरे और चुनावी सभाएं शुरू करने वाले हैं। बड़े नेता अपने-अपने दलों के लिए वोट बढ़ाएंगे ही नहीं, पिछले विस चुनाव और लोस चुनाव में हासिल मतों में सेंधमारी रोकना भी मकसद होगा।
पीएम मोदी और बसपा सुप्रीमो मायावती समेत कई नेताओं की जनसभाओं के कार्यक्रम तय हो चुके हैं। बसपा में दूसरी कतार के नेता सतीश चंद्र मिश्र भी पूर्वांचल की खाक छान रहे हैं। नसीमुद्दीन सिद्दीकी का कार्यक्रम तय है। वहीं सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशियों के प्रचार क सीएम और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के कार्यक्रम को लेकर विमर्श चल रहा है। हालांकि पार्टी के प्रचार को पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के कार्यक्रम तय हो रहे हैं। अखिलेश से लेकर सांसद डिंपल और फायर ब्रांड आजम खान और अहमद हसन के कार्यक्रमों को 25 तक अंतिम रूप दिया जा सकता है। दूसरी ओर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का अभी तक वाराणसी में रोड शो और सभा का कार्यक्रम ही फाइनल हुआ है। प्रियंका के चुनिंदा क्षेत्रों में प्रचार के कार्यक्रम के बारे में कांग्रेस नेता भी अंजान हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने अब तक कांग्रेस के केवल एक प्रत्याशी के समर्थन में सभा की है। पूर्वांचल में पांचवे, छठवें और सातवें चरण में मतदान है। आजमगढ़ मंडल में मतदान 4 मार्च को है, वहीं वाराणसी और मिर्जापुर मंडल की 40 सीटों पर आखिरी चरण में 8 मार्च को वोट डाले जाएंगे। मुख्यत: पूर्वांचल माने जाने वाले गोरखपुर और बस्ती मंडल को मिला कर पूरे इलाके में करीब सवा सौ सीटें हैं। पूर्वांचल का महत्व इस से जाहिर है कि राहुल गांधी ने अपने रोड शो, खाट सभा और दिल्ली यात्रा देवरिया से शुरू की थी। भाजपा ने परिवर्तन यात्रा के दो बिंदुओं में सोनभद्र और बलिया को स्थान दिया। इनकी शुुरूआत के लिए अध्यक्ष अमित शाह और गृह मंत्री राजनाथ सिंह खुद आए। पीएम मोदी ने 14 नवंबर, 16 को चुनावी शंखनाद को गाजीपुर को चुना। सपा में कलह के बावजूद मुलायम सिंह यादव ने भी गाजीपुर में जनसभा की। हालांकि सपा की कमान अखिलेश यादव के हाथ में आने के बाद मुलायम के अपने संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ में प्रचार के लिए आने के संकेत फिलहाल नहीं हैं।