नगवां ब्लाक सभागार के समक्ष शुक्रवार को दोपहर बाद ग्रामीण उस समय भड़क गए जब घंटों से लाइन में खड़े होने के बाद भी बीडीसी पद के लिए नामांकन पत्र देने से इनकार कर दिया गया। इससे आजिज आकर ग्रामीणों ने जमकर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके बाद मौके पर पहुंचे बीडीओ सुनील सिंह के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।
बता दें कि नगवां ब्लाक कार्यालय के सभागार के पास शुक्रवार को सुबह 10 बजे से बीडीसी पद पर चुनाव लड़ने के लिए नामांकन पत्र खरीदने के लिए लोग पहुंचे थे। दो-तीन घंटे से लाइन में खड़े होने के बाद कहा गया कि अब नामांकन पत्र नहीं मिलेगा। इतना सुनते ही ग्रामीण भड़क गए और ब्लाक सभागार के समक्ष जमकर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
इसकी जानकारी होते ही बीडीओ सुनील सिंह मौके पर जा पहुंचे और कहा कि जब तक लोग लाइन में खड़े रहेंगे नामांकन पत्र मिलेगा। इसके बाद मामला शांत हुआ। ग्रामीण राजबली, अशोक और शिवनाथ का कहना था कि सुविधा शुल्क लेकर चुपके से अंदर से ही लोगों को नामांकन पत्र दिया जा रहा था, जबकि लाइन में खड़े लोगों को देने से इंकार कर दिया गया।
रामकृत, रामा भारती और ओम प्रकाश ने कहा कि एक तरफ निर्वाचन आयोग का कहना है कि पंचायत चुनाव में पारदर्शिता बरती जाए, वहीं यहां पर आयोग के आदेश को धता बताकर कार्य किया जा रहा है। सुरेंद्र जायसवाल, रामसूरत और अशोक कुमार ने कहा कि जब नामांकन पत्रों की बिक्री के समय धांधली बरती जा रही है तो कैसे निष्पक्ष चुनाव होगा। प्रदर्शन करने वालों में राम सुभग, चंद्रमणि, बच्चू, रामसेवक, गुलाब, कौशल आदि शामिल रहे।