खड़िया गांव के पास एनसीएल खड़िया क्षेत्र द्वारा कराए जा रहे वार्फवाल निर्माण का जबरदस्त विरोध हुआ। बुधवार दोपहर बाद निर्माण के विरोध में गांव की महिलाओं संग काफी संख्या में पुरूष उतर गए। ग्रामीणों के विरोध के चलते ठेकेदार को मशीनें हटानी पड़ी।
खड़िया गांव के नाई टोला पुनर्वास क्षेत्र के समीप एनसीएल रेल रैक लोडिंग प्वाइंट्स (वार्फवाल) का निर्माण करा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि रहवासी क्षेत्र के महज पचास मीटर दूर होने वाले इस निर्माण के बाद कोयला डंप व लदान से भयंकर प्रदूषण पैदा होगा और रहना मुश्किल हो जाएगा। पुनर्वास क्षेत्र में स्थानीय विस्थापित परिवारों को करीब 87 प्लाट रेलवे के तरफ से दिए गए हैं। दो दशक से अधिक समय से लोग रह रहे हैं। विरोध के जानकारी पर कई नेता भी मौके पर पहुंच गए। इससे ग्रामीणों की आवाज को बल मिला। सपा नेता मुकेश सिंह ने आरोप लगाया कि गांव के पास वार्फवाल निर्माण पर प्रशासनिक स्तर पर बातचीत चल रही लेकिन कोई नतीजा आने से पहले कोल प्रबंधन जबरदस्ती निर्माण कराना चाहता है। ग्रामीणों का कहना है पुनर्वासित किए बिना निर्माण नहीं होने देंगे। पंचायत व अन्य जिम्मेदार संस्थाओं से स्वीकृति न लेने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों के व्यापक विरोध के सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामला शांत कराया। प्रभारी निरीक्षक मिथिलेश मिश्रा ने बताया इस घटना की जानकारी अधिकारियों को दे दी गई है। सुझाव दिया गया है कि सभी पक्षों के साथ वार्ता कर समाधान निकालने की कोशिश की जाए।