खलियारी। नगवां ब्लॉक की ग्राम पंचायत सिकरवार के साड़सोत गांव में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए बिछाई गई पाइपलाइन को चंदौली जिले के वन विभाग की ओर से बार-बार नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है। शनिवार की देर शाम ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया गांव में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ था। वे नदी-नालों का दूषित पानी पीने के लिए विवश थे। इस समस्या को मीडिया में प्रमुखता से उजागर किए जाने के बाद जल निगम हरकत में आया और जल जीवन मिशन के तहत गांव में पाइपलाइन बिछाई गई। उस समय भी चंदौली वन विभाग ने अड़चन डाली थी, लेकिन कई प्रयासों के बाद आखिरकार पानी की आपूर्ति शुरू हो सकी। ग्रामीणों का आरोप है कि शनिवार को वन विभाग के कर्मचारियों ने रोड किनारे बिछी पाइप लाइन को उखाड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया। जब ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने ग्राम प्रधान और पुलिस को सूचना दी। वन विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। हालांकि वन विभाग के दरोगा ने पाइप उखाड़ने की बात से इन्कार किया है। गांव निवासी मराछू राम और संपत ने कहा कि अब वन विभाग की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो सभी लोग डीएम कार्यालय का घेराव करेंगे। प्रदर्शन में हीरालाल, शारदा भारती, संजय, गोपाल, राकेश, समसेर, राम बचन, बनारसी, फुलवा देवी, लक्ष्मीना, बचीया, सोना, धनमतिया, कलावती, परियारी, रामावती समेत दर्जनों ग्रामीण शामिल रहे। वहीं, मामले में जल निगम के एक्सईएन अरुण सिंह ने बताया कि चंदौली वन विभाग से बात चल रही है और जल्द ही अनुमति लेकर पाइप लाइन को अंडरग्राउंड कर दिया जाएगा, जिससे भविष्य में कोई समस्या न हो।