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पेढ के ग्रामीणों ने तहसील पर किया प्रदर्शन, एसडीएम को दिया ज्ञापन

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घोरावल तहसीलदार सुरेश शुक्ला को ज्ञापन देते कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज गोंड़ - फोटो : SONBHADRA
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घोरावल। पट्टे की जमीन को लेकर घोरावल कोतवाली क्षेत्र के पेढ़ ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने मंगलवार को घोरावल तहसील का घेराव किया। मुख्यालय पर प्रदर्शन का विरोध जताया। इस अवसर पर कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष रामराज गोंड के नेतृत्व में ग्रामीणों ने ज्ञापन देकर तहसील प्रशासन पर ग्रामीणों को परेशान करने का आरोप लगाया।
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एसडीएम को संबोधित ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा है कि उन लोगों को 40 साल पहले सीलिंग की जमीन का पट्टा हुआ था। वे लोग उस जमीन पर खेती बारी करते हैं और घर मकान बनवाकर अपने परिवार व बच्चों के साथ आबाद हैं। पट्टे की उस जमीन को घोरावल तहसील प्रशासन द्वारा उन लोगों की इच्छा के विपरीत उनसे छीनकर वन विभाग को दिया जाना है। इसके लिए तहसील प्रशासन आए दिन उन लोगों को परेशान कर रहा है। अगर यह जमीन उनसे छीन ली गई तो उनके पास रहने का कोई दूसरा रास्ता नहीं बचेगा। ऐसी परिस्थिति में उन लोगों की संक्रमणीय अधिकार वाली जमीन से बेदखल करने से तहसील प्रशासन को रोका जाए और संपूर्ण प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई की जाए। कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष जगदीश मिश्र, जिला सचिव राजबली पांडेय, ब्लाक अध्यक्ष लल्लू राम पांडेय, नामवर कुशवाहा, नीरज पाठक आदि मौजूद रहे।
ग्रामीणों संग अन्याय हुआ तो कांग्रेस करेगी आंदोलन
घोरावल। तहसील मुख्यालय पर आयोजित सभा में पीड़ित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रामराज गोंड ने कहा कि उभ्भा नरसंहार जैसी बड़ी घटना होने के बाद भी प्रशासन जमीन संबंधी मामलों में असंवेदनशील रवैया अपना रहा है और गरीबों को उनकी पुश्तैनी जमीन से बेदखल करने की साजिश रच रहा है। पिछले महीने पेढ़ ग्राम पंचायत के पट्टे की भूमि के प्रकरण को लेकर संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देने गए तीन ग्रामीणों को प्रशासन ने जेल भेज दिया था। सुनीता, गीता, फूलचंद, राजेंद्र, रामजतन, राधेश्याम, गुलाब ने कहा कि हम गरीबों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हम व हमारे परिवार के लोग 40-50 वर्षों से जमीन पर काबिज हैं। हमारी खेती बारी व आवास हमारा सर्वस्व यही है। हम लोगों को जमीन से बेदखल करने के लिए तहसील प्रशासन कवायद कर रहा है।
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