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रोजगार के लिए ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

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एनसीएल कृष्णशिला क्षेत्र में स्थित कोल हैंडलिंग प्लांट (सीएचपी) पर बेरोजगार ग्रामीणों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कोल प्रबंधन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। जनप्रतिनिधियों का समर्थन मिलने से प्रदर्शन तेज हुआ तो पुलिस व कोल प्रबंधन के अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
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सीएचपी में संविदा के जरिए कार्य कर रही निजी कंपनी में रोजगार की मांग को लेकर स्थानीय युवा व विस्थापित परिवारों के बेरोजगार जमशिला प्रधान प्रतिनिधि कमलेश सिंह उर्फ पप्पू की अगुवाई में पहुंचे थे। सौ से अधिक की संख्या में पहुंचे लोगों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इसके चलते घंटों सीएचपी का कार्य बाधित रहा। नाराज ग्रामीण कंपनी व कोल परियोजना प्रबंधन पर मनमानी का आरोप लगा रहे थे। उनका कहना था कि सीएचपी में स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं दिया जा रहा है। परियोजना विस्थापितों की जगह दूसरे प्रांत के लोगों को रोजगार दिया जा रहा है जबकि यहां के युवा रोजी-रोटी के लिए भटक रहे हैं। इसी तरह प्रबंधन खदान क्षेत्र का गंदा पानी बिना शोधन के सीधे रिहंद जलाशय में छोड़ रहा है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझा बुझा कर शांत कराया और वार्ता के लिए बीना पुलिस चौकी पर बुलाया।
शक्तिनगर के प्रभारी निरीक्षक मिथिलेश मिश्रा व बीना चौकी प्रभारी ज्ञानेंद्र सिंह की उपस्थिति में इस मसले पर त्रिपक्षीय बैठक हुई। बैठक में कोल प्रबंधन के अधिकारियों ने भी पक्ष रखा और बताया कि सीएचपी में 120 कामगारों के सापेक्ष 140 श्रमिकों को समायोजित किया जा चुका है। इसके बाद आंदोलनकारियों ने समायोजित लोगों की सूची उपलब्ध कराने की मांग की। इस पर एनसीएल अधिकारियों ने समय देने की बात कही। वार्ता के दौरान पूर्व प्रधान सत्य प्रकाश, उग्रसेन वर्मा, बबलू गुप्ता, रामकिसुन कुशवाहा, राजेश सिंह, उमेश सिंह, देवधार, किशन वियार सहित जमशीला, घरसडी, चंदुआर, बरवानी, कोहरौलिया आदि मौजूद रहे।
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