ओबरा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में हुई अधिक बारिश से रिहंद बांध के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। मौजूदा समय में रिहन्द बांध का जलस्तर अधिकतम बिंदु से महज पांच फीट नीचे रह गया है। ऐसे में यदि रिहन्द डैम के फाटक खोले गए तो ओबरा डैम के फाटकों के भी खुलने की आशंका है। ऐसे में विभाग सतर्क नजर बनाए हुए है।
दरअसल, रिहंद में बढ़ने वाले जलस्तर का पूरा दबाब ओबरा डैम पर रहता है। ओबरा जल विद्युत कार्यालय के कंट्रोल रूम में तैनात अवर अभियंता विद्या सागर के अनुसार छत्तीसगढ़ के सरगुजा और सूरजपुर जनपदों में बारिश का असर रिहंद के जलस्तर पर सीधा प्रभाव पड़ता है। वहां ज्यादा बारिश होने से रिहंद के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। अधिक बारिश होने की आशंका को देखते हुए रिहंद के फाटकों को खोलना पड़ सकता है, ऐसी स्थिति में दबाव ओबरा डैम पर पड़ेगा। ओबरा डैम रिहन्द का संबंध ओबरा डैम से भी है। इसको देखते हुए ओबरा डैम के फाटकों की लगातार निगरानी की जा रही है। रिहंद के फाटक खुलने पर पानी के भी आने से ओबरा डैम पर दबाव बढ़ जाता है। इसलिए सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि रिहन्द डैम का जलस्तर अभी 866.9 फ़ीट पर है। रिहंद का जलस्तर 872 फीट होने पर फाटक खोलने पड़ते हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल ओबरा जल विद्युत की 33 मेगावाट की दो इकाइयों से कुल लगभग 58 मेगावाट बिजली उत्पादन किया जा रहा है।